आजमगढ़ : जिले में मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस, निःशुल्क मिलीं प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की सुविधाएं 

 

महिलाओं को कोविड के प्रति किया गया जागरूक

आजमगढ़, 11 जनवरी 2022

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस इस बार नौ की जगह 10 जनवरी को मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी ने बताया कि यह बदलाव नौ तारीख को रविवार होने के चलते किया गया।  मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर को कम करने के उद्देश्य से इस दिवस का आयोजन किया जाता है। इस दिन हर गर्भवती की पांच जांच-ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट,यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड नि:शुल्क किया जाता है। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रेफर किया जाता है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/परिवार नियोजन नोडल डॉ संजय कुमार ने कहा कि इस दिवस पर गर्भवती को निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की सुविधाएं दी जाती हैं। इसके साथ ही परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए महिलाओं को जागरूक भी किया गया जाता है।  जिससे स्वस्थ माँ और बच्चा के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर को कम किया जा सके।  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं को भी लाभ दिया जाता है| इस दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर आई गर्भवती की महिला चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व सभी जाँचें जैसे ब्लड टेस्ट, यूरिन जांच, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफ़लिस, हीमोग्लोबिन जांच, अल्ट्रा साउंड की निःशुल्क सुविधा दी जाती है, एवं नव दंपति को शादी के दो वर्ष के अन्तर में पहला बच्चा और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम तीन वर्ष के बाद, दो बच्चों के बाद नसबंदी करवाने के लिए परामर्श भी दिया जाता है। साथ ही गर्भवती को गर्भावस्था में पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए, जिससे उसके और गर्भस्थ शिशु को बेहतर पोषण मिल सके, साथ ही कोविड के बढ़ते मामले को देखते हुये, कोविड से बचाव के लिए महिलाओं को साफ–सफाई के प्रति जागरूक भी किया गया।

जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता दिनेश कुमार ने बताया कि हर महीने की नौ तारीख को गर्भवती की निःशुल्क एएनसी जांच की जाती है जैसे – मधुमेह का स्तर, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, अल्ट्रासाउंड से साथ गर्भवती के खतरे के लक्षण जैसे – गर्भवस्था के दौरान तेज बुखार, त्वचा का पीलापन, हाथ, पैरों व चेहरे पर सूजन, दौरे पड़ना, उच्च रक्तचाप, तेज सरदर्द व धुंधला दिखना, योनि से रक्तश्राव होना इत्यादि। यदि कोई भी जोखिम वाली स्थिति की संभावना हो तो उससे बचने के लिए समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। जच्चा व बच्चा की जान को समय रहते बचाया जा सके।  उन्होने बताया कि जिले में  गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) 5956 जांच व अन्य जांचें की गई, जिनमें से 145 महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) चिन्हित की गई।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – ब्लॉक मोहम्मदपुर से लाभार्थी सरिता उम्र 26 वर्ष ने कहा मेरी पहली प्रेग्नेंसी है, सारी जांच नि:शुल्क की गई, कोई दिक्कत नहीं हुई  है, पोषण आहार की जानकारी दी गई।

इसी ब्लॉक से ही रीना उम्र 28 वर्ष  ने कहा कि महिला डॉक्टर ने मेरी जांच की, कोविड में घर और हाथों की सफाई के लिए बताया गया, दवाएं भी निःशुल्क मिली हैं। बहुत ही अच्छी सुविधा है।