प्रेस नोट
आजमगढ़ 07 जुलाई– जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज ने बताया कि बाढ़ एवं आपदा से बचाव हेतु घटना कार्यवाही प्रणाली के अन्तर्गत अधिकारियों को उत्तरदायित्व सौंपते हुए एक टीम का गठन किया गया है। जिसमें जिला मजिस्ट्रेट उत्तरदायी अधिकारी/घटना कमाण्डर हैं, जिनका कार्य आपदा के परिदृष्य का संपूर्ण प्रबंधन और एक एकीकृत एवं समन्वित कमांड प्लान के माध्यम से प्रतिवेदन तैयार करना व जिला, राज्य व केन्द्र सरकार के विभिन्न ईएसएफ के अपने प्रोटोकाल एवं कार्य प्रक्रिया के लिए सुविधा प्रदान करना है। अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 घटना कमाण्डर हैं, जो घटना कमाण्डर द्वारा सौंपे गये कार्यां का निष्पादन एवं घटना से संबंधित उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपेक्षित कूटनीतिक कार्यां का निर्देशन के लिए उत्तरदायी हैं। जिला सूचना अधिकारी संचार व्यवस्था को इस तरह से दुरुस्त रखेंगे कि आपदा के समय मिलने वाली सभी सूचना को प्राप्त किया जा सके, उनका रिकार्ड रखा जा सके और सूचना के आदान-प्रदान की स्वीकृति पत्र दे सकें। अपर पुलिस अधीक्षक/अपर जिलाधिकारी प्रशासन को मुख्य प्रचालन अनुभाग अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। जिनका कार्य प्राथमिक उद्देश्य पूरा करने के लिये सभी तरह के प्रत्यक्ष कार्य के प्रबंधन की जिम्मेदारी, हादसा कार्य योजना के अनुसंग में सांगठनिक तत्वों को सक्रिया करना, परिवेक्षण करना और कार्यान्वयन का निर्देश देना, आवश्यकतायें तय करना एवं अतिरिक्त संसाधन के लिए अनुरोध करना, उपलब्ध संसाधनों की सूची की समीक्षा करना और संसाधनों के वितरण के लिए अनुशंसा करना, इंसिडेट कमांडर को सभी विशेष गतिविधि घटनाओं के प्रतिवेदन देना एवं अपने यूनिट/गतिविधियों का इंतजाम करना है।
उन्होने बताया कि उप जिलाधिकारी सगड़ी को उत्तरदायी शाखा निदेशक नामित किया गया है, जिनका कार्य आपातकाल में इएसएफ के पास उपलब्ध राहत सामग्री के वितरण का प्रबंधन करना, आपदा के समय एवं उसके बाद किये गये कार्य क्षेत्रों का अनुश्रवण करना है। उपरोक्त सामान्य कार्यों के अतिरिक्त विशिष्ट कार्य करने पड़ते हैं, जिसके अन्तर्गत स्थति का अनुमान लगाना, मानव जीवन जोखिम का अनुमान लगाना, तात्कालिक उद्देश्य/कार्यों का निर्धारण करना, आपदा क्षेत्र में प्रर्याप्त आवश्यक संसाधन की उपलब्धता तय करना/उपलब्धता लिए आदेश देना, तात्कालिक कार्ययोजन तय करना, एक प्रारंभिक तात्कालिक संगठन बनाना, कार्य लक्ष्यों की समीक्षा करना, उनमें सुधार करना और आवश्यकतानुसार अपने कार्ययोजना में उससे समायोजित करना है। एआरटीओ द्वारा आपदा के दौरान यातायात व्यवस्था का सुचारू रूप से प्रबन्धन करना है। अपर जिलाधिकारी भू0/रा0/उप जिलाधिकारी द्वारा किसी हादसा के संबंध में सूचना संग्रह करना, उनका मूल्यांकन करना, प्रसार करना तथा उपयोग करना, अद्यतन स्थिति की जानकारी लेना, वैकल्पिक रणनीति बनाना तथा सभी कार्यों का नियंत्रण करना, तात्कालिक कार्ययोजना (आइएटी) निर्माण का परिवेक्षण करना, आइएटी के निर्माण में इसिंडेंट कमाण्डर को सुझाव देना, आवश्यकतानुरूप आपदा क्षेत्र में कार्यरत किसी आधकारी को नया कार्य सौंपना, हादसा के प्रत्युत्तर के लिए किसी विशिष्ट संसाधन की जरूरत तय करना है। उप जिलाधिकारी सगड़ी द्वारा योजना सेक्शन के लिए संसाधन सिचुएशन यूनिट आदि हेतु आवश्यक सूचना एवं प्रतिवेदन तंत्र स्थापित करना, हादसा की अद्यतन स्थिति की जानकारी का संकलन एवं प्रदर्शन करना, हादसा विनियोजन योजना के तैयारी एवं कार्यान्वयन की की देखरेख करना, यातायात चिकित्सा, आपदा क्षेत्र सुरक्षा और संचार आदि की योजनाओं को आइएपी में भामिल करना, अपने यूनिट/गतिविधियो का इंतजाम करना, कर्मियों को काम और कार्य क्षेत्र की 10 जिम्मेदारी देना, अपने कार्य के लिए पूर्व नियोजित एवं भावी कार्य संचालन के लिए आवश्यक सेवा सहायता जरूरतों को चिन्हित करना, अतिरिक्त संसाधन के लिए अनुरोध शुरू करना और इसके लिए समन्वय करना, संचार योजना, यातायात योजना, चिकित्सा योजना आदि की समीक्षा करना एवं सुझाव देना, अपने यूनिट/गतिविधियों का इंतजाम किया जायेगा। परियोजना निदेशक डीआरडीए द्वारा अद्यतन स्थिति एवं संसाधन उपलब्धता पर मिडिया को जानकारी देना, लक्ष्य तय करना, कार्य क्षेत्र सीमा निर्धारण करना, कार्य समूह निर्माण करना, प्रत्येक विभाग के लिए रणनीति एवं सुरक्षा निर्देश तय करना, प्रत्येक क्षेत्र की जरूरत के संसाधन निदृष्ट करना, कार्य संचालन सुविधाओं को निदृष्ट करना, नक्शा तैयार करना, प्रतिवेदन स्थल तय करना, संसाधनों को उचित स्थान पर रखवाना और कर्मचारियों को अनुशासन में रखना आदि भी रसद सेक्शन के मुख्य काम हैं। अपर पुलिस अधीक्षक/एसडीओ बीएसएनएल द्वारा आपातकाल में अबाधित संचार प्रवाह बनाना एवं उसके एकीकरण के तत्र विकसित किया जायेगा। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित सम्पूर्ण चिकित्सा व्यवस्था एवं घायलो आदि के भर्ती एवं बीमारियों आदि के रोकथाम का कार्य किया जायेगा। जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक जीवन निर्वाह हेतु खाद्य सामग्री आदि का प्रबन्धन एवं सुरक्षित रखवाने का कार्य किया जायेगा। उप जिलाधिकारी निजामाबाद का कार्य वैकल्पिक रणनीति बनाना तथा सभी कार्यों का नियंत्रण करना, आवश्यकतानुरूप आपदा क्षेत्र में कार्यरत किसी अधिकारी को नया कार्य सांपना, हादसा के प्रत्युत्तर के लिए किसी विशिष्ट संसाधन की जरूरत तय करना है। उप जिलाधिकारी/अतिरिक्त अधिकारी (द्वितीय) का कार्य कर्मियों को काम और कार्य क्षेत्र की जिम्मेदारी देना, अतिरिक्त संसाधन के लिए प्रक्रिया अनुरोध शुरू करना और इसके लिए समन्वय करना है। उप जिलाधिकारी/अतिरिक्त अधिकारी (तृतीय) का कार्य वित्त सेक्शन मूलतः प्रशासन एवं वित्त प्रबंधन के लिए है। जो इंसिडेण्ट कमांड पोस्ट, आधार कार्यालय क्षेत्र, आधार कार्यालय और शिविरों के प्रबंधन वित्त सेक्शन के प्रमुख कार्यों के अंतर्गत है। इसके अन्तर्गत संसाधनों की उपलब्धता के लिए आ रहे अत्यधिक अनुरोध को कम करना, आइसी/आपीएस को संसाधन उपयोग के लिए आवश्यक योजना बनाने की जबाबदेही देना एवं आकस्मिकता के लिए संसाधन की स्वीकृति देना है।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सगड़ी को निर्देश दिया है कि सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
——-जि0सू0का0 आजमगढ़-07.07.2022——-