*TV20 NEWS || AZAMGHARH : नीमा स्थापना सप्ताह के तहत विश्व स्वास्थ्य दिवस पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया: डॉ. डी.डी. सिंह*

नीमा स्थापना सप्ताह के तहत विश्व स्वास्थ्य दिवस पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया: डॉ. डी.डी. सिंह
नीमा स्थापना सप्ताह के तहत नीमा आज़मगढ़ और आर.के. आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज सठियांव आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सठियांव बाजार में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आर.के.आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और नीमा आजमगढ़ के वरिष्ठ सदस्य डॉ. के.एन. यादव, पूर्व अध्यक्ष डॉ. डी.डी. सिंह, डॉ. सौरभ यादव, डॉ. प्रेम प्रकाश राय, डॉ. अमित कुमार, डॉ. अखिलेश शुक्ला, डॉ. राहुल पाण्डेय, डॉ. कविता दत्ता, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश यादव ने सभी मरीजों का बड़ी ही तन्मयता से स्वास्थ्य जांच किया। तत्पश्चात सभी मरीजों को निःशुल्क दवा भी दी गई। शिविर में कुल 267 मरीजों का निःशुल्क इलाज किया गया। शिविर के संबंध में नीमा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डी.डी. सिंह ने कहा कि 7 अप्रैल को डब्लूएचओ का स्थापना दिवस है और 13 अप्रैल को नीमा का स्थापना दिवस है। अतः इस साल 7 अप्रैल से लेकर 13 अप्रैल तक नीमा स्थापना सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत नीमा आजमगढ़ और आर.के. आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के सहयोग से यह निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि हर वर्ष 7 अप्रैल को जब विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, तो यह अवसर केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि यह आत्ममंथन का दिन होना चाहिए। विशेष रूप से भारत जैसे देश के लिए जहां स्वास्थ्य सेवाएं आज भी बहुसंख्यक आबादी के लिए दुर्लभ और असमान हैं।
यह दिवस एक अवसर है याद दिलाने का कि स्वास्थ्य कोई विलासिता नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। भारत जैसे देश के लिए यह अवसर है सामाजिक विषमता के खिलाफ आवाज उठाने का, और एक ऐसे तंत्र को विकसित करने का जहां स्वास्थ्य सुविधा जाति, धर्म, वर्ग या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि मानवता के आधार पर उपलब्ध हो।
भारत एक युवा देश है, लेकिन अगर उसकी युवा शक्ति कुपोषण, मानसिक तनाव, और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझती रहेगी, तो यह जनसंख्या बोझ बन जाएगी। हमें याद रखना चाहिए कि एक स्वस्थ नागरिक ही किसी देश की असली ताकत होता है।
इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हमें सिर्फ जागरूक होने की नहीं, जवाबदेही तय करने की जरूरत है- सरकार, समाज और स्वयं अपनी भी। क्योंकि जब तक भारत का आखिरी नागरिक भी स्वस्थ नहीं होगा, तब तक हम सच्चे अर्थों में एक विकसित राष्ट्र नहीं बन सकते।
इस अवसर पर आकाश यादव, सतीश कुमार, अवनींद्र यादव, अनामिका यादव, अंकित यादव, रंजीत कुमार, सर्वानंद प्रजापति, कृष्ण मोहन चौधरी सहित इंटर्नशिप के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

SLOT GACOR
Paito SDY Lotto
data HK
Slot