स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है — “जब गरीबों की मदद की मंशा से बनी योजना का इस्तेमाल ही फर्जी तरीके से हो रहा है, तो जांच कौन करेगा?”
अब देखना होगा कि प्रशासन इस फर्जीवाड़े पर क्या कार्रवाई करता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को गरीब परिवारों के लिए सरकार की संवेदनशील पहल माना जाता है, लेकिन झांसी का यह प्रकरण सिस्टम की सच्चाई उजागर करता है।