*TV 20 NEWSll BHADOHI : पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा पुलिस लाइन ज्ञानपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों को (The Thief’s Story) के बारे में दी गई जानकारी*
*प्रेस विज्ञप्ति*
जनपद भदोही
दिनांक 13.11.2025
*√पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा पुलिस लाइन ज्ञानपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों को (The Thief’s Story) के बारे में दी गई जानकारी*
*√अपनी ड्यूटी क्षेत्र की भली-भांति जानकारी रखें तथा अपने क्षेत्र में रहने वाले अपराधियों की भली-भांति रखें पहचान*
*√महोदय द्वारा (Kleptomania) शब्द के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि व्यक्ति उन वस्तुओं को चुराने की इच्छा का विरोध करने में होता है असमर्थ*
आज दिनांक 13.11.2025 को *श्री अभिमन्यु मांगलिक,* पुलिस अधीक्षक भदोही एवं *श्री शुभम अग्रवाल,* अपर पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा पुलिस लाइन ज्ञानपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों को (The Thief’s Story) के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस किस प्रकार और किन परिस्थितियों में चोरी की घटनाओं तथा होने वाली संभावित घटनाओं को नियंत्रित कर सकती है। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा रिक्रूट आरक्षियों को प्रशिक्षण देते हुए सीसीटीवी कैमरा के महत्व के बारे में बताया गया कि चोरी की घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचने में अत्यधिक सहायता मिलती है। नकाबपोश अपराधियों का भी फुटेज मिलने पर घटना का दिनांक एवं समय की जानकारी हो जाने से अपराधियों तक पहुंचाना बहुत ही आसान हो जाता है। महोदय द्वारा रिक्रूट आरक्षियों को उनके दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के बारे में एहसास करते हुए बताया गया कि अपने 1. अपनी ड्यूटी क्षेत्र की भली-भांति जानकारी रखें 2. अपने क्षेत्र में रहने वाले अपराधियों को भली-भांति पहचानें क्योंकि अधिकतर चोरी के अपराधियों को चोरी की लत अफीम की लत की तरह होती है जिससे चोरी का अपराधी बार-बार चोरी करता है। कई बार ऐसा हुआ है कि मोटरसाइकिल चोरी का अपराधी अपने मुकदमे की पेशी पर माननीय न्यायालय में आया हुआ है और पेशी के उपरांत बाहर जाते समय एक और मोटरसाइकिल चोरी करके फरार हो गया। महोदय द्वारा (Kleptomania) शब्द के बारे में जानकारी दी गई। *क्लेप्टोमेनिया एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है, जिसमें व्यक्ति उन वस्तुओं को चुराने की इच्छा का विरोध करने में असमर्थ होता है* जिनकी अक्सर व्यक्तिगत उपयोग या वित्तीय लाभ के लिए आवश्यकता नहीं होती। यह एक आवेग-नियंत्रण विकार है जो अपराधबोध और शर्म का कारण बन सकता है, और यह किसी व्यक्ति के चरित्र या इच्छाशक्ति का प्रतिबिंब नहीं है। महोदय द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि पुलिस टीम गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करे, कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल डायल-112, नजदीकी चौकी अथवा थाने पर दें।





