आजमगढ़ 10 दिसम्बर– माननीय उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज मानवाधिकार दिवस के अवसर पर महराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय जनपद आजमगढ़ में मानवाधिकार विषयक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम विश्वविद्यालय में स्थापित लीगल एड क्लीनिक/विधिक सहायता केन्द्र का मुख्य अतिथि अंकित वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उद्घाटन किया गया। लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विधि छात्रों द्वारा लीगल एड क्लीनिक में विजिट करने वाले लोगों को आधारभूत कानूनी जानकारी प्रदान करने में सहायता की जायेगी। विश्वविद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने कहा कि यह तिथि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसम्बर, 1948 को मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाने और घोषित करने के उपलक्ष्य में चुनी गई थी, जो मानवाधिकारों का पहला वैश्विक उद्घोषणा और नए संयुक्त राष्ट्र की पहली प्रमुख उपलब्धियों में से एक थी। दुनिया भर में हर एक व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकारों की अहमियत को उजागर करने के लिए, हर वर्ष 10 दिसम्बर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है, मानवाधिकार सभी के लिए समानता, स्वतन्त्रता और गरिमा सुनिश्चित करते हैं। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि भारतीय संविधान मौलिक अधिकारों तथा राज्य-नीति के निदेशक तत्वों के माध्यम से मानवाधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा विश्वविद्यालय का कुलगीत- ’’हमारी आन का मन्दिर, हमारी शान का मन्दिर’’ का गीत गाया गया। जागरूकता कार्यक्रम के अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, असिस्टेन्ट प्रोफेसर, कॉलेज के छात्र-छात्रायें उपस्थित रहें।





