TV 20 NEWS || AZAMGARH : थाना रानी की सराय में पंजीकृत अपराध जिसमें गोवध नि0 अधि0 के 07 आरोपी अभियुक्तो को जेल में बितायी गयी अवधि 18 दिवस के कारावास व 1-1 हजार रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
*”ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत जनपदीय पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप 07 आरोपी अभियुक्तो को मा0 न्यायालय द्वारा गोवध नि0 अधि0 के आरोप में दोषी करार देते हुए प्रत्येक को जेल में बितायी गयी अवधि 18 दिवस के कारावास व 1-1 हजार रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
थाना रानी की सराय में पंजीकृत अपराध जिसमें गोवध नि0 अधि0 के 07 आरोपी अभियुक्तो को जेल में बितायी गयी अवधि 18 दिवस के कारावास व 1-1 हजार रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
➡ दिनांक- 26.10.2002 को वादी मुकदमा थानाध्यक्ष श्री रमाकान्त पाण्डेय थाना रानी की सराय जनपद आजमगढ़ ने थाने पर लिखित तहरीर दी कि अभियुक्तगण 1.सत्य नारायन पुत्र राम इकबाल यादव 2. बब्बन यादव पुत्र राम इकबाल यादव 3. शिव यादव पुत्र श्री किशुन यादव निवासीगण पिपरा कला थाना खेजुरी जनपद बलिया 4. धनीराम पुत्र सुखनन्दन यादव निवासी पटपर थाना खेजुरी जनपद बलिया 5. राम प्रकाश पुत्र नन्द किशोर यादव निवासी खड़सरा थाना खेजुरी जनपद बलिया 6. बृजलाल यादव पुत्र राम बहाल यादव निवासी गुलरवास थाना खेजुरी जनपद बलिया 7. सुखराज यादव पुत्र बासदेव यादव निवासी पटपर थाना खेजुरी जनपद बलिया के कब्जे से गोवंशीय पशु बरामद होना ।
➡ अभियुक्त के विरूद्ध थाना रानी की सराय पर मु0अ0सं0- 288/2002 धारा-3/5A/8 गोवध नि0 अधि0 पंजीकृत किया गया ।
➡ अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र मा0 न्यायालय में दाखिल किया गया ।
➡ जुर्म स्वीकृति के आधार पर ।
➡ जिसके क्रम में दिनांक- 10.02.2026 को मा0 न्यायालय ए0सी0जे0एम0-11 कोर्ट आजमगढ़ द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अभियुक्तगण 1.सत्य नारायन पुत्र राम इकबाल यादव 2. बब्बन यादव पुत्र राम इकबाल यादव 3. शिव यादव पुत्र श्री किशुन यादव निवासीगण पिपरा कला थाना खेजुरी जनपद बलिया 4. धनीराम पुत्र सुखनन्दन यादव निवासी पटपर थाना खेजुरी जनपद बलिया 5. राम प्रकाश पुत्र नन्द किशोर यादव निवासी खड़सरा थाना खेजुरी जनपद बलिया 6. बृजलाल यादव पुत्र राम बहाल यादव निवासी गुलरवास थाना खेजुरी जनपद बलिया 7. सुखराज यादव पुत्र बासदेव यादव निवासी पटपर थाना खेजुरी जनपद बलिया को दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को जेल में बितायी गयी अवधि 18 दिवस के कारावास व 1-1 हजार रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।





