प्रेस विज्ञप्ति
आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को देश की ग्यारह मजदूर संगठनों में से दस के आह्वान पर एक दिन की हड़ताल में बैंकों के तीन कर्मचारी /अधिकारी संगठन के सदस्य हड़ताल पर चले गए, इस हड़ताल से सभी राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण, सहकारी एवं कुछ देशी/विदेशी प्राइवेट बैंक के कार्य प्रभावित रहे। शहर के सभी बैंकों के कर्मचारी सुबह सुबह यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर एकत्रित हुए तत्पश्चात BSNL कार्यालय पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए, इसके उपरांत बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक रैदोपुर के सामने प्रदर्शन में शामिल हुए और वहां से LIC 2 कार्यालय के सम्मुख गेट मीटिंग में शामिल हुए एवं इसमें कई बैंक यूनियन के नेतृत्व के साथियों ने वहां उपस्थित विभिन्न विभागों, संगठनों, बैंककर्मी, बीमाकर्मी, खाताधारकों, पॉलिसी धारकों को आज की इस हड़ताल के कारणों पर विस्तृत प्रकाश डाला। यूपी बैंक एम्पलाइज यूनियन यूपी के सहायक मंत्री साथी विष्णु गुप्ता ने कहा कि आज आप बैंकों की किसी भी शाखा में जाएं तो आपको ढेर सारे कर्मचारी दिखाई देंगे पर वस्तुस्थिति इसके विपरीत है और जनमानस इस भ्रांतियों में रहता है कि सरकार ने भर्ती तो बहुत कर रखी है पर ये बैंककर्मी कार्य ही नही करते पर हकीकत यह है कि आज हर एक बैंक शाखा में बहुत ही कम दैनिक दो चार सौ रुपये पारिश्रमिक पर दो तीन अस्थायी कर्मचारी रख लिये जाते हैं एवं इसमें चार चाँद प्राइवेट बीमा कंपनियों की वे बीमा एजेंट कर्मी जिनमें महिलाएं ज्यादा होती हैं और इन प्राइवेट बीमा कंपनियों की दो से तीन कंपनियां प्रायः सभी बैंक शाखाओं में उच्च प्रबंधन के दवाब में कार्यरत रहती हैं और यही आम जन के खून पसीने की कमाई विभिन्न ऐसी स्कीमों में लगवा देती हैं जो आमजन को भविष्य में बहुत बड़े आर्थिक संकट का कारण बनता है। इसी क्रम में बैंक ऑफ बडौदा के साथी जनार्दन कुमार ने कहा कि आज बैंकों की शाखाओं में पर्याप्त भर्ती न होने के कारण लगभग सभी शाखाओं में अस्थाई साथियों को औने पौने मजदूरी देकर साफ सफाई का कार्य लिया जा रहा है,जिसके चलते बैंक शाखाएं सामान्यतः अव्यवस्थित ही नज़र आती हैं और इन अस्थायी कर्मियों के सुबह सबसे पहले शाखाओं में पहुंच के कारण बैंक फ्रॉड की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।केनरा बैंक के साथी दुर्गेश का कहना था कि आज भारत जहां युवाओं का देश है वहीं यह वर्ग स्थाई रोजगार को वंचित है और नेशनल पेंशन स्कीम की जगह ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग एक वाजिब मांग करता है। इसी क्रम में यूनियन बैंक से साथी राजकुमार ने आम ग्राहकों पर लगाए जाने वाले सेवा शुल्क को कम करने की मांग की, साथी धीरज चौधरी और रिज़वान अहमद ने एक सुर में आवाज बुलंद की कि बैंकों के कार्य ठेका प्रथा से न किये जायें ताकि आम जन को वित्तीय फ्राड से बचाया जा सके।
बैंक आफ बडौदा से
केनरा बैंक से
इंडियन बैंक से
पंजाब एंड सिंध बैंक से
यूको बैंक से
बैंक ऑफ इंडिया से
इंडियन ओवरसीज बैंक से
बैंक ऑफ महाराष्ट्र से
(विष्णु गुप्ता)
सहायक मंत्री
यूपी बैंक इंप्लाईज यूनियन यूपी
मोबाइल 9451684050





