आजमगढ़ 13 फरवरी– मा0 उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं मा0 जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद स्तर पर 22 फरवरी, 2026 को आयोजित होने वाले वृहद/मेगा शिविर को दृष्टिगत रखते हुए आज विकास खण्ड- पल्हनी में स्थित सभागार में कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नितिका राजन द्वारा बताया गया कि 22 फरवरी, 2026 को जनपद स्तर पर जनपद न्यायालय परिसर में वृहद/मेगा शिविर का आयोजन किया जायेगा, जिसके अन्तर्गत निर्बल वर्ग, बच्चों, स्त्रियों, दिव्यांग, वृद्धजन, निर्धन वर्ग, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति हेतु समस्त विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का स्टॉल लगाकर पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जायेगा।
सचिव द्वारा शिविर में उपस्थित महिलाओं व पुरूषों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में, निःशुल्क विधिक सहायता से सम्बन्धित तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित सेवाओं और जन-जागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गयी। शिविर में उपस्थित महिलाओं को सचिव द्वारा बताया गया कि भरण-पोषण अधिनियम, विवाह अधिनियम एवं महिलाओं की सम्पत्ति में अधिकार के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि महिलाऐं अपने पति से अपने गुजारा भत्ता हेतु भरण-पोषण अधिनियम धारा 125 के अन्तर्गत पाने की अधिकारी हैं। भारतीय कानून के अनुसार मां-बेटी, मां, पत्नी, बहू या फिर घर में रह रही किसी भी महिला पर घरेलू हिंसा करना अपराध है। दिनांक 22 फरवरी, 2026 को जनपद न्यायालय परिसर में वृहद/मेगा शिविर का आयोजन किया जायेगा, जिसमें आप सभी लोग उक्त तिथि पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का लाभ उठाएॅ और अपनी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान प्राप्त करें।
इस मौके पर डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल श्री प्रवीण कुमार सिंह, पराविधिक स्वयं सेवक, क्षेत्रीय महिलायें तथा पुरूष उपस्थित रहे।





