*TV20 NEWS|| LUCKNOW :कैस्ट्रोल ‘सारथी मित्र’ कार्यक्रम के तहत चालकों को दिया गया सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण,ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित शिविर में करीब 1000 ड्राइवरों ने लिया प्रशिक्षण, सुरक्षित ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों के पालन का दिया गया संदेश*
कैस्ट्रोल ‘सारथी मित्र’ कार्यक्रम के तहत चालकों को दिया गया सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण
ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित शिविर में करीब 1000 ड्राइवरों ने लिया प्रशिक्षण, सुरक्षित ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों के पालन का दिया गया संदेश
लखनऊ। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैस्ट्रोल के ‘सारथी मित्र’ कार्यक्रम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 1000 चालकों को सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों के पालन तथा दुर्घटनाओं से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय सेना से सेवानिवृत्त प्रशिक्षक राजेन्द्र सिंह द्वारा प्रशिक्षण सत्र के साथ हुई, जिसमें चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, वाहन के रख-रखाव और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान चालकों को रिफ्लेक्टर स्टिकर, टी-शर्ट, कॉपी, सुरक्षा किट, जैन कार्ड के साथ निःशुल्क रिफ्रेशमेंट और भोजन भी उपलब्ध कराया गया। यह योजना परियोजना समन्वयक हर्षित शुक्ला के सहयोग से उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में संचालित की जा रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसीपी कमलेश कुमार विभूति ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यदि चालक सतर्कता और अनुशासन के साथ वाहन चलाएं तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।
एआरटीओ आलोक कुमार बाला ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने चालकों से अपील की कि वे ओवरलोडिंग, तेज गति और लापरवाही से बचते हुए जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं।
सीओ अभिषेक सिंह ने कहा कि चालक समाज की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सुरक्षा और जागरूकता से ही सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है।
एस.आई वीर भान सिंह ने कहा कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक चालक को नियमों का पालन करते हुए सजगता के साथ वाहन चलाना चाहिए।
अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं, जो चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करते हैं।
कैस्ट्रोल ‘सारथी मित्र’ कार्यक्रम की सीएसआर हेड सुश्री रेखा पिल्लई ने कहा कि यह पहल चालकों के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि कंपनी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही है।
सीएफओ सुश्री मृणालिनी ने कहा कि चालक हमारे परिवहन तंत्र की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा और कौशल विकास के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।
प्रोजेक्ट हेड श्रीकांत कुलकर्णी ने बताया कि ‘सारथी मित्र’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं बल्कि चालकों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
जोनल हेड विपिन आनन्द ने कहा कि यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चलाया जा रहा है और आने वाले समय में इससे और अधिक चालकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
फ़ैसिलिटेटर रोहित शुक्ला ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग करते हुए कहा कि जागरूकता ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
ट्रेनर राजेन्द्र सिंह ने प्रशिक्षण सत्र में चालकों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी।
एकेडमिक हेड शिवांगी अस्थाना ने कहा कि सही प्रशिक्षण और जागरूकता से ही एक जिम्मेदार चालक तैयार होता है, जो सड़क पर स्वयं की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
आशुतोष पाठक ने ड्राइवरों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने का विषय नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय सतर्कता और अनुशासन बेहद जरूरी है।
उन्होंने ड्राइवरों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख स्रोतों के बारे में विस्तार से बताया और समझाया कि अंधे (अदृश्य) मोड़, संकरी पुल, रेलवे क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर, टोल प्लाजा, तिराहा तथा सड़क के किनारे स्थित स्कूल, मंदिर-मस्जिद, तालाब और पोल जैसी जगहों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
आशुतोष पाठक ने कहा कि यदि सभी चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें, ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएँ, तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। सड़क सुरक्षा प्रोजेक्ट के माध्यम से उन्होंने ड्राइवरों को सुरक्षित ड्राइविंग के तरीके विस्तार से समझाए और सभी से अपील की कि वे खुद सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
आरटीओ प्रभाकर पांडेय ने ड्राइवरों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि हर चालक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी ड्राइवरों से अपील की कि वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें, निर्धारित गति में वाहन चलाएं और पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सुरक्षित ड्राइविंग अपनाकर ही सड़क हादसों को रोका जा सकता है।
परियोजना समन्वयक हर्षित शुक्ला ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही महिलाओं और युवाओं को भी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।





