*TV 20 NEWS || AZAMGARH : जिला स्तरीय निरीक्षण समिति के पदाधिकारीगण द्वारा बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का किया गया निरीक्षण

मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेशानुसार व माननीय जनपद न्यायाधीश, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला स्तरीय निरीक्षण समिति के पदाधिकारीगण द्वारा आज बाल सम्प्रेक्षण गृह, मऊ का निरीक्षण किया गया, जिसमें समिति के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो न्यायालय, समिति के सदस्य नितिका राजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़, मो० फराज हुसैन, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड, श्री राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, श्री सुबोध सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, आजमगढ़ उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी, मऊ भी उपस्थित रही।

निरीक्षण के दौरान सम्प्रेक्षण गृह में साफ-सफाई उचित पायी गयी। निरीक्षण के समय सम्प्रेक्षण गृह में आज की तिथि में बाल अपचारियों की कुल संख्या 117 पायी गयी, जिसमें जनपद आजमगढ़ के 47 बाल अपचारी निरूद्ध थे। निरीक्षण के समय बाल अपचारियों को शिक्षा के लिए सम्प्रेक्षण गृह के अन्दर कक्ष बना हुआ है, जिसमें स्मार्ट बोर्ड लगा हुआ पाया गया। क्लास रूम में उजाले के लिए लाईट लगी हुयी पायी गयी। निरीक्षण के दौरान क्लास रूम में बाल अपचारियों को पढ़ाने के लिए 05 अध्यापक राजीव पाण्डेय, सुलक्षणा त्रिपाठी, धीरेन्द्र शास्त्री (बेसिक शिक्षा हेतु), रमेश चन्द्र, राजेश सिंह (माध्यमिक शिक्षा हेतु) नियुक्त है। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता उचित पायी गयी।

निरीक्षण समिति द्वारा मा० उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति द्वारा प्रदत्त प्रारूप जिसमें बाल अपचारियों के भोजन की गुणवत्ता, समग्र स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधियां, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, दैनिक गतिविधियों, किशोरों के प्रति कर्मचारियों का व्यवहार, आधारभूत संरचना के अन्तर्गत स्वच्छता, वेंटिलेशन, विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के साथ नियमित संवाद एवं गतिविधियों, शैक्षिक पद्धति का विकास, परिसर में प्राकृतिक प्रकाश इत्यादि बिन्दुओं पर निरीक्षण किया गया तथा इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी, मऊ को उपरोक्त बिन्दुओं के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। बाल अपचारियों द्वारा बताया गया कि उनके मुकदमों की पैरवी हेतु अधिवक्ता उपलब्ध है। समिति द्वारा जिला प्रोबेशन अधिकारी, मऊ को यह भी निर्देश दिया गया कि बाल अपचारियों हेतु पाठ्येतर गतिविधियों जैसे संगीत, बागवानी, कला, खेल-कूद नृत्य इत्यादि की व्यवस्था कराया जाना सुनिश्चित करें। बाल अपचारियों को कलाचित्र व पेटिंग सिखाने के लिए सप्ताह में 02 दिन प्रशिक्षक आते है। बाल अपचारियों के लिए नाट्य एवं संगीत हेतु श्रीमती ऋचा त्रिपाठी एवं आर्ट काफ्ट प्रशिक्षण हेतु श्री फूलचन्द्र नामित है। बाल अपचारियों के लिए खेल कूद हेतु सम्प्रेक्षण गृह के अन्दर बड़ा ऑगन बना हुआ है, जिसमें बच्चे खेल कूद व मनोरंजन करते है। बाल अपचारियों के खेल कूद हेतु बॉलीवाल, बैटमिटन आदि की व्यवस्था की गयी है। सम्प्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान बाल अपचारियों से इनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया तो सभी अपचारी स्वस्थ्य है, किसी को कोई गम्भीर बीमारी नहीं है।