आजमगढ़ 19 मार्च 2026/
मा० उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व मा० जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा निर्देशों के अनुपालन में जन विकास संस्थान, आजमगढ़ के समन्वय से बाल श्रम एवं बाल विवाह पर विषयक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ नितिका राजन द्वारा बताया गया कि बाल श्रम अधिनियम के अन्तर्गत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी व्यवसाय कार्य में काम कराना प्रतिबन्धित है। इसका उल्लघन करने पर जुर्माना एवं कारावास का प्रावधान है। सचिव द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि बाल श्रम एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध जागरूकता फैलायी जा सके। कार्यक्रम को आगे सम्बोधित करते हुए बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा ऐसे व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जाती है जो अधिवक्ता की फीस देने में समर्थ नहीं है तथा विधिक सेवा अधिनियम 1987 की धारा-12 के तहत पात्र है। कोई भी जरूरत मद व्यक्ति टोल फ्री नं0 15100 पर काल कर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है।
सचिव द्वारा बताया गया कि जिला स्तर पर एक समन्वय बैठक इस माह के अन्त तक आहूत की जायेगी, जिसमें लैगिक अपराधों से बालकों का सरक्षण अधिनियम, 2012 विषयक तथा पॉक्सो अधिनियम के अन्तर्गत सहायक व्यक्तियों के सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन इत्यादि मुद्दों पर चर्चा की जायेगी।
इस मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, महिला चिकित्सालय के मुख्य अधीक्षक, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभारी विशेष किशोर पुलिस इकाई, समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी तथा लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सदस्य उपस्थित रहे।





