*TV20 NEWS || AZAMGARH :आजमगढ़ को मिली बड़ी सौगात, 368 करोड़ की लागत से यहां बनेगा 15KM लंबा साउथ-ईस्ट बाईपास, ट्रैफिक जाम से छुटकारा*
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शहर के लिए 15 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दक्षिण-पूर्व बाईपास के निर्माण का ठेका जारी कर दिया है. इस परियोजना से न केवल शहर के यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी.
यह महत्वाकांक्षी परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर विकसित की जाएगी, जिसकी कुल लागत 368.85 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है. इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है. कंपनी तय समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए आधुनिक तकनीकों और संसाधनों का उपयोग करेगी.
निरंतर रिंग रोड का स्वरूप
प्रस्तावित बाईपास रानी का सराय गांव के पास से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास जाकर समाप्त होगा. यह मार्ग शहर के चारों ओर एक निरंतर रिंग रोड का स्वरूप तैयार करेगा, जिससे भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी. इस बाईपास के निर्माण से आजमगढ़ शहर के भीतर लगने वाले जाम में कमी आएगी और स्थानीय लोगों को इससे काफी सुविधा मिलेगी.
प्रस्तावित बाईपास रानी का सराय गांव के पास से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास जाकर समाप्त होगा. यह मार्ग शहर के चारों ओर एक निरंतर रिंग रोड का स्वरूप तैयार करेगा, जिससे भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी. इस बाईपास के निर्माण से आजमगढ़ शहर के भीतर लगने वाले जाम में कमी आएगी और स्थानीय लोगों को इससे काफी सुविधा मिलेगी.
जिलों से कनेक्टिविटी होगी बेहतर
साथ ही, व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद आसपास के जिलों के साथ कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. यह बाईपास भविष्य में बढ़ते यातायात दबाव को संभालने में भी अहम भूमिका निभाएगा और शहर के समग्र विकास को नई दिशा देगा
साथ ही, व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद आसपास के जिलों के साथ कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. यह बाईपास भविष्य में बढ़ते यातायात दबाव को संभालने में भी अहम भूमिका निभाएगा और शहर के समग्र विकास को नई दिशा देगा





