TV 20 NEWS || AZAMGARH : आंधी, वर्षा, लू एवं आगजनी की घटनाओं के मद्देनज़र जिलाधिकारी ने फसल बीमा कंपनियों को दिए सख्त निर्देश
[7:26 pm, 8/4/2026] +91 94152 07728: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनगणना-2027 को लेकर प्रदेश स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, 07 मई से शुरू होगी स्व-गणना प्रक्रिया
7 से 21 मई तक चलेगी स्व गणना,इस दौरान जनपदवासी स्व गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी जनगणना फॉर्म में स्वयं भर सकते हैं-डीएम
आजमगढ़ 08 अप्रैल 2026/
आज उत्तर प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा जॉइंट मजिस्ट्रेटों के साथ जनगणना-2026 के सफल संचालन के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश द्वारा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निदेशक, जनगणना कार्य, श्रीमती शीतल वर्मा द्वारा जनगणना की तैयारियों एवं क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में अधिकारियों को जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, समय-सीमा तथा उनके दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनगणना का वास्तविक कार्य 22 मई से प्रारंभ होकर 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जनगणना कार्य प्रारंभ होने के 15 दिवस पूर्व नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्व-गणना पोर्टल 07 मई से संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक 21 मई 2026 की रात्रि 12 बजे तक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन जनगणना प्रपत्र में दर्ज कर सकेंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रतिभाग करने के उपरांत जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनपद के समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निदेशक, जनगणना कार्य द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनपद में जनगणना का कार्य सुचारू एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न हो सके।
*जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश व आजमगढ़ में स्व-गणना की प्रक्रिया 07 मई से 21 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। इस अवधि में नागरिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं जनगणना प्रपत्र में भर सकते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहभागिता करने का आग्रह किया।
उन्होंने आगे बताया कि स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के पश्चात 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान नागरिक प्रगणकों का सहयोग करें तथा उन्हें सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।*
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जनपद आजमगढ़ में जनगणना कार्य के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी तथा सभी संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) गंभीर सिंह, डीईएसटीओ राम दरस यादव, एनआईसी डीआईओ चंदन कुमार, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार तथा नामित जनगणना प्रभारी आकाश राय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
[7:26 pm, 8/4/2026] +91 94152 07728: जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में अवैध मेडिकल स्टोर पर प्रशासन टीमों द्वारा की गई छापेमारी
कमी पाए जाने पर कई मेडिकल स्टोर सील,एक्सपायरी दवाओं को किया गया नष्ट
गडबड़ी पाई गई मेडिकल स्टोरों पर की जा रही है वैधानिक कार्रवाई
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[7:26 pm, 8/4/2026] +91 94152 07728: अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ही मिलेगा विशेषज्ञ परामर्श: सीएचओ के माध्यम से ई-संजीवनी सेवा सुदृढ़
ग्रामीण मरीजों को घर के नजदीक ही मिल रही डॉक्टर व स्पेशलिस्ट से सलाह
आजमगढ़ 08 अप्रैल 2026/
जनपद में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) के माध्यम से ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा को सुदृढ़ किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एन.आर. वर्मा ने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वे अपने नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ही यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर आने वाले मरीजों को सबसे पहले वहां तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) द्वारा देखा जाता है। सीएचओ मरीज की समस्या को समझकर आवश्यकतानुसार उन्हें ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डॉक्टर या विशेषज्ञ से जोड़ते हैं। इसके बाद मरीज की वीडियो कॉल के जरिए सीधे चिकित्सक से बात कराई जाती है और उसी आधार पर उपचार एवं दवा की सलाह दी जाती है।
डाॅ वर्मा ने स्पष्ट किया कि “इस व्यवस्था में सीएचओ एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा रहे हैं, जिससे मरीजों को सही समय पर सही स्तर का परामर्श मिल पा रहा है। मरीज को न तो भटकना पड़ता है और न ही अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि बीते मार्च तक जनपद में 43 हजार से अधिक मरीजों ने ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से परामर्श प्राप्त कराया गया , जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सीएचसी पवई, तहबरपुर सहित कई केंद्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में मरीजों को लाभान्वित किया है।
सीएमओ ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी अपेक्षाकृत कम संख्या में मरीज इस सेवा का लाभ ले रहे हैं, वहां जागरूकता बढ़ाने और सेवाओं को और सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में अपने नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर अवश्य जाएं और सीएचओ के माध्यम से ई-संजीवनी सेवा का लाभ लें। यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क, सरल और समय की बचत करने वाली है।
अंत में उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों, विशेषकर सीएचओ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके माध्यम से ही यह सेवा गांव-गांव तक प्रभावी रूप से पहुंच रही है।
[7:27 pm, 8/4/2026] +91 94152 07728: आंधी, वर्षा, लू एवं आगजनी की घटनाओं के मद्देनज़र जिलाधिकारी ने फसल बीमा कंपनियों को दिए सख्त निर्देश
बदलते मौसमी परिस्थितियों में किसानों की फसल,पशुधन,अन्य कृषि संबंधी क्षति होने की स्थिति में फसल बीमा कंपनियां पूरी तत्परता,संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ करें कार्य- डीएम
आपदा की स्थिति में किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है-जिलाधिकारी
फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है,बीमा कंपनियां पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का करे निर्वहन
आजमगढ़ 08 अप्रैल 2026/
जनपद में आंधी, वर्षा, लू तथा आगजनी जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावित घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने फसल बीमा योजना से संबंधित सभी बीमा कंपनियों के प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसी परिस्थितियों में किसानों की फसल,पशुधन अथवा अन्य कृषि संबंधी क्षति होने की स्थिति में बीमा कंपनियां पूरी तत्परता, संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से कृषकों को होने वाली क्षति का त्वरित सर्वेक्षण कराया जाए तथा पात्र कृषकों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत शीघ्र राहत प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बीमा कंपनियां अपने स्तर से क्षेत्रीय टीमों को सक्रिय रखें, ताकि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र दावा निस्तारण किया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों के कारण किसानों की फसलों को नुकसान की आशंका बनी रहती है, ऐसे में बीमा कंपनियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी सजग दृष्टि बनाए रखें तथा किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दें। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। फसल बीमा योजना का उद्देश्य ही किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, इसलिए बीमा कंपनियां पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि इस संबंध में सतत निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को समय-समय पर अवगत कराया जाए, जिससे किसानों को शीघ्र लाभान्वित किया जा सके।





