*TV 20 NEWS || AZAMGARH :साइबर ठगी की धनराशि निकालने वाले गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार, बायोमेट्रिक मशीन, पीओएस मशीन, कूटरचित अंगूठा क्लोन, एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन, नगद धनराशि एवं वाहन बरामद*
*प्रेस-नोट*
*थाना गम्भीरपुर / साइबर सेल, जनपद आजमगढ़*
● *ऑपरेशन “CyVazra” के तहत आजमगढ़ पुलिस की एक और बड़ी सफलता, अब तक कुल 12 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार।*
● *साइबर ठगी की धनराशि निकालने वाले गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार, बायोमेट्रिक मशीन, पीओएस मशीन, कूटरचित अंगूठा क्लोन, एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन, नगद धनराशि एवं वाहन बरामद।*
● *ऑपरेशन “CyVazra” के तहत अब तक कुल 12 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार, 14 अभियोग पंजीकृत, देशव्यापी साइबर नेटवर्क पर लगातार प्रहार जारी।*
*श्रीमान् पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश* के आदेशानुसार प्रदेशव्यापी विशेष अभियान *”ऑपरेशन CyVazra”* के अंतर्गत *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल* के कुशल पर्यवेक्षण में *थाना गम्भीरपुर पुलिस एवं साइबर सेल आजमगढ़* की संयुक्त टीम द्वारा साइबर अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
ऑपरेशन “CyVazra” के अंतर्गत पूर्व में 11 शातिर साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के उपरांत अब थाना गम्भीरपुर पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में एक अन्य साइबर अपराधी की गिरफ्तारी के साथ अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 12 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियान के दौरान कुल 14 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं तथा साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क, म्यूल अकाउंट, फर्जी दस्तावेज एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनके पूरे गिरोह के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है।
दिनांक 11.07.2026 को साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक रवि प्रकाश गौतम एवं थाना गम्भीरपुर पुलिस द्वारा प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों एवं एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर यश विश्वकर्मा पुत्र राजकुमार विश्वकर्मा, निवासी ग्राम दयालपुर, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़, उम्र लगभग 19 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ एवं बरामद डिजिटल साक्ष्यों से यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त अपने सहयोगी सद्दाम पुत्र तौफिक, निवासी ग्राम रंजीतपट्टी मुहम्मदपुर, थाना गम्भीरपुर के साथ मिलकर आधार आधारित बैंकिंग (AEPS) प्रणाली एवं बायोमेट्रिक उपकरणों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि विभिन्न बैंक खातों से नगद निकालता था। अभियुक्त के कब्जे से बरामद सामग्री एवं उसके स्वीकारोक्ति कथन से यह भी ज्ञात हुआ कि साइबर ठगी की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त कर उसे बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं मोबाइल पीओएस मशीन के माध्यम से निकालकर कमीशन के आधार पर आपस में बांट लिया जाता था। अभियुक्त ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में उसके बैंक खाते में साइबर ठगी के ₹50,000 प्राप्त हुए थे, जिन्हें इसी माध्यम से निकालकर आपस में विभाजित किया गया था।
*बरामदगी-*
• 02 अदद मोबाइल फोन
• 01 अदद रबर का कूटरचित अंगूठा (बायोमेट्रिक क्लोन)
• 01 अदद एटीएम कार्ड
• 01 अदद बायोमेट्रिक मशीन
• 01 अदद मोबाइल पीओएस मशीन
• ₹1,750/- नगद
• 01 अदद टीवीएस XL-100 वाहन
*गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-*
1. यश विश्वकर्मा पुत्र राजकुमार विश्वकर्मा, निवासी ग्राम दयालपुर, थाना गम्भीरपुर, जनपद आजमगढ़, उम्र लगभग 19 वर्ष।
*साइबर ठगी का तरीका (Modus Operandi)-*
अभियुक्त एवं उसके सहयोगी ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) एवं आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) का दुरुपयोग करते थे। बायोमेट्रिक मशीन एवं कूटरचित अंगूठा क्लोन के माध्यम से खातों से धनराशि निकालकर साइबर अपराधियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी। साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि विभिन्न बैंक खातों में मंगाकर उसे नगद निकालने के पश्चात कमीशन के आधार पर आपस में बांट लिया जाता था। बरामद डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
अभियुक्त के विरुद्ध थाना गम्भीरपुर पर धारा 317(2), 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340 बीएनएस तथा 66-D आईटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है।
*गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-*
• उप निरीक्षक रवि प्रकाश गौतम, प्रभारी साइबर सेल, जनपद आजमगढ़।
• उप निरीक्षक संजय कुमार सिंह, थाना गम्भीरपुर।
• मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल।
• आरक्षी सत्येन्द्र।
• आरक्षी राहुल सिंह।
• आरक्षी धीरज सिंह।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ऑपरेशन “CyVazra” के अंतर्गत साइबर अपराधियों के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क, म्यूल अकाउंट संचालकों एवं साइबर ठगी से अर्जित धनराशि को वैध रूप देने वाले सहयोगियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 12 शातिर साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है तथा पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में तकनीकी एवं विधिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आमजन से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कर पुलिस का सहयोग करें।*






