*TV 20 NEWS || AMBEDKAR NAGAR:अम्बेडकरनगर जिला कारागार में बंदियों के पुनर्वास की नई पहल, पावरलूम प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ*

अम्बेडकरनगर। जिला कारागार अब केवल सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत का केंद्र बनता जा रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने अम्बेडकरनगर जिला कारागार में दो पावरलूम सेट का उद्घाटन किया।

यह पहल उत्तर प्रदेश की ‘एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के अंतर्गत बलरामपुर चीनी मिल के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड तथा उद्योग विभाग के सहयोग से साकार हुई है। स्थापित किए गए पावरलूमों के माध्यम से कारागार में निरुद्ध बंदियों को बुनाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि कारागार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों को समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ने का अवसर देना भी है। यदि उन्हें हुनर और रोजगार से जोड़ा जाए तो सजा पूरी होने के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को पावरलूम संचालन, वस्त्र निर्माण और संबंधित तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इससे उन्हें भविष्य में स्वरोजगार या उद्योगों में रोजगार पाने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उद्योग विभाग और कारागार प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं बंदियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनके सामाजिक पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बंदी जेल से रिहा होने के बाद अपने कौशल के बल पर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने इसे कारागार सुधार की दिशा में एक सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि भविष्य में भी बंदियों के कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से जुड़ी ऐसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि जेलें सुधार और पुनर्वास का प्रभावी केंद्र बन सकें।