TV20 NEWS ||AZAMGARH : मा0 मुख्यमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि व सम्मान समारोह का जनपद में कारागार मंत्री की अध्यक्षता में हुआ सजीव प्रसारण
आजमगढ़, 08 सितंबर 2026//
मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं का सम्मान एवं नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का जनपद आजमगढ़ के हरिऔध कला केन्द्र में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान की अध्यक्षता में व जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार आदि की उपस्थिति में सजीव प्रसारण को देखा व सुना गया। साथ ही उपर्युक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण समस्त तहसीलों/ब्लाकों में भी सम्पन्न हुआ। साथ ही 03 बच्चों का अन्नप्राशन, 03 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, सैम से सामान्य बच्चे में पोषण करने वाली 15 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र सहित बच्चे को बेबी किट एवं उनकी माताओं को अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं को चार प्रकार की योजनाओं का लाभ देने आए हैं। पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को रू0 3,000 मानदेय प्राप्त होता था। हम लोगों ने इसे बढ़ाकर रू0 8,000 किया। अब इसे बढ़ाकर रू0 12,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। सहायिकाओं का मानदेय रू0 1,500 था। इसे हम लोगों ने रू0 4,000 किया, अब इसे बढ़ाकर रू0 6,000 कर दिया गया है। प्रदेश की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष रू0 5 लाख की कैशलेस चिकित्सा सुविधा किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल, सरकारी हॉस्पिटल या मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध होगी।
द्वापर में यशोदा मैया ने कान्हा का जिस प्रकार लालन-पालन किया था, वही भूमिका आज हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां और सहायिकाएं निभा रही हैं। आज के श्कान्हाश् यानी हमारे देश के नौनिहालों का माँ के बाद सबसे पहला संवाद आंगनबाड़ी की बहनों और उनकी सहायिकाओं के साथ ही होता है। विगत 9 वर्षों में प्रदेश में 70,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को एक व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। हमने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए विभाग को निर्देशित किया है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र का अपना भवन सुनिश्चित किया जाए। मा.मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा तथा महिला एवं बाल कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल तक पहुंचाने में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति के सम्मान और उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 किया गया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां कुपोषित बच्चों को सामान्य स्थिति में लाने, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पोषण तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह कार्य केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा है। कारागार मंत्री ने कुपोषित बच्चों को सामान्य स्थिति में लाने वाली कार्यकर्त्रियों को सम्मानित करते हुए कहा कि सार्वजनिक मंच पर मिला सम्मान किसी भी पुरस्कार से कम नहीं है।
मा0 मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से गरीब परिवारों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल रही है। जरूरत है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां इन योजनाओं और पोषण संबंधी जानकारी को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाएं। श्री चौहान ने सभी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके समर्पण से स्वस्थ, सक्षम और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि जनपद में 5588 आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा मानदेय वृद्धि का लाभ जनपद के 5522 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व 5323 आंगनवाड़ी सहायिकाओं को इसका सीधा लाभा मिलेगा। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गर्भवती माताओं एवं बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण उपलब्ध कराना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की जिम्मेदारी है कि गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड की उपलब्धता, पोषक आहार, बच्चों का समय से टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि जनपद में 5,588 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से चार लाख से अधिक बच्चे एवं महिलाएं पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की मेहनत से लगभग 60 अति कुपोषित बच्चे तथा करीब 400 कुपोषित बच्चे कुपोषण से बाहर आए हैं। इन बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को आज सम्मानित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय एवं मौसमी फल, सब्जियां, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों में पर्याप्त पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्थानीय पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करें तथा आवश्यकता पड़ने पर अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र तक पहुंचाएं। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने तथा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ने से वे अपने एवं अपने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर बेहतर ध्यान दे सकेंगी।
जिलाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं से पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करते हुए जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
हरिऔध कला केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में, जनपद में सैम श्रेणी से सामान्य श्रेणी में सुधार हुए 15 बच्चों के अभिभावकों को पोषण पोटली प्रदान कर सम्मानित किया गया। जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमन्त सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, समस्त सीडीपीओ, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं, लाभार्थी तथा अन्य संबंधितगण उपस्थित रहे।






