*TV 20 NEWS || AZAMGARH:मुबारकपुर रोडवेज स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में चला साइबर जागरूकता अभियान, हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी*

थाना मुबारकपुर रोडवेज सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में व्यक्तियों को साइबर जागरूकता अभियान के तहत विभिन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें मुख्य रूप से –
📞 1090 – महिला हेल्पलाइन
🚨 112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
💻 1930 – साइबर क्राइम हेल्पलाइन
👧 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
🏢 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
🚑 108 – एम्बुलेंस सेवा
🤰 102 – गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं हेतु सेवा
🔥 101 – अग्निशमन सेवा तथा safe web browsing,verify website,use HTTPS,aviod suspicious links and downloads
आदि शामिल हैं।
व्यक्तियों से संवाद कर उन्हें साहसपूर्वक अपनी बात रखने और किसी भी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया गया
का0 विवेक चौहान
का0 आदर्श यादव

मुबारकपुर। साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से थाना मुबारकपुर पुलिस द्वारा मुबारकपुर रोडवेज स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने बैंक में मौजूद व्यक्तियों एवं आमजन से संवाद कर उन्हें साइबर अपराधों से बचने के उपायों के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

जागरूकता अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करने की आवश्यकता है।

पुलिस टीम ने लोगों को विभिन्न आपातकालीन एवं सहायता सेवाओं के हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें 1090 महिला हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 108 एम्बुलेंस सेवा, 102 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए सेवा तथा 101 अग्निशमन सेवा प्रमुख रूप से शामिल हैं।

पुलिसकर्मियों ने विशेष रूप से साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया। बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर ठगी होती है तो बिना देरी किए 1930 पर संपर्क करना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

अभियान के दौरान लोगों को सुरक्षित वेब ब्राउजिंग के संबंध में भी जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने बताया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किसी भी वेबसाइट की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। वेबसाइट का उपयोग करने से पहले उसके पते में HTTPS और सुरक्षित कनेक्शन की जांच करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने तथा अनजान स्रोतों से किसी भी प्रकार की फाइल या एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी गई।

लोगों को यह भी बताया गया कि साइबर अपराधी कई बार बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, रिश्तेदार, परिचित अथवा किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बनकर फोन कर सकते हैं और ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड, बैंक खाते से संबंधित विवरण या अन्य व्यक्तिगत जानकारी मांग सकते हैं। ऐसे किसी भी फोन, संदेश या लिंक पर बिना सत्यापन के विश्वास नहीं करना चाहिए।

पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा, परेशानी, महिला उत्पीड़न, बाल सुरक्षा संबंधी समस्या, आपातकालीन स्थिति अथवा साइबर अपराध की स्थिति में चुप न रहें। संबंधित हेल्पलाइन नंबर का उपयोग कर समय रहते सहायता प्राप्त करें। लोगों को साहसपूर्वक अपनी बात रखने और अपने आसपास के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस अथवा हेल्पलाइन को दें। जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग करना और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना रहा।

इस अवसर पर का0 विवेक चौहान एवं का0 आदर्श यादव ने लोगों को साइबर सुरक्षा और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया।