*TV 20 NEWS || LUCKNOW:महिलाओं को एक लाख ब्याजमुक्त ऋण – प्रति आवेदन दीदी को मिलेंगे 250 रुपये : केशव प्रसाद मौर्य*

मीडिया कार्यालय, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
प्रेस विज्ञप्ति

*महिलाओं को एक लाख ब्याजमुक्त ऋण – प्रति आवेदन दीदी को मिलेंगे 250 रुपये : केशव प्रसाद मौर्य*

*3 करोड़ दीदियों को समूहों से जोड़ने और 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश।*

उपमुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य

*लखनऊ, दिनांक 26 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में आज उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा बैठक आहूत हुई । बैठक का मुख्य विषय समूह की दीदीयों को एक लाख तक ब्याज मुक्त ऋण दिए जाने की प्रक्रिया पर प्रति आवेदन 250 रुपये की प्रोत्साहन राशि दीदी को प्रदान किये जाने का प्रावधान, महिला उद्यमिता, ग्रामीण आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू, मिशन निदेशक श्री अरूण कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।*

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने योजना का उद्देश्य *स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना,* उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने, वर्तमान व्यवसाय का विस्तार करने तथा छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए तीन चरणों में कुल *एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है* । योजना के क्रियान्वयन में सहयोगी कैडर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए *प्रति आवेदन कुल 250 रुपये की प्रस्तावित प्रोत्साहन राशि के प्रावधान का उल्लेख किया गया। इसके तहत आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर 50 रुपये, ऋण स्वीकृत होने पर 50 रुपये तथा स्वीकृत ऋण का पूर्ण भुगतान होने पर 150 रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है। इससे पात्र महिलाओं को आवेदन से लेकर ऋण के भुगतान तक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।*

श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजना के उद्देश्य, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ऋण की उपलब्धता और उसके सदुपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाए। ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड और जनपद स्तर तक प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल ऋण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, व्यवसाय चयन, उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, विपणन तथा बाजार से जुड़ाव जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, दुग्ध उत्पादन, कृषि आधारित गतिविधियों, घरेलू उत्पादों तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े छोटे व्यवसाय स्थापित कर सकती हैं।

*3 करोड़ दीदियों को समूहों से जोड़ने का लक्ष्य*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प देश की आधी आबादी को सशक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। इस संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं, युवाओं और किसानों को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश में *3 करोड़ दीदियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी *बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए* जाएं। साथ ही रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश कोष, सामुदायिक निवेश कोष सहित ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई में नियमानुसार निगरानी, पारदर्शिता और कार्य गुणवत्ता पर जोर देने के निर्देश दिये।

श्री मौर्य द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु नियमित समीक्षा की जाए, लापरवाही करने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर नियमानुसार एवं विधि संगत कार्रवाई की जाए और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रगति रिपोर्ट समय से राज्य एवं केंद्र सरकार के पोर्टलों पर उपलब्ध कराई जाए। श्री मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर तत्काल समाधान उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि समस्याओं के निस्तारण में देरी न हो।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वित प्रयासों, पारदर्शी कार्यप्रणाली और प्रभावी निगरानी से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश में महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

रतन सिंह, सूचना अधिकारी, उप मुख्यमंत्री