*TV 20 NEWS || LUCKNOW:66 करोड़ श्रद्धालुओं का महाकुंभ में आगमन भारत की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का गौरवपूर्ण प्रतीक : केशव प्रसाद मौर्य*
मीडिया कार्यालय, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
प्रेस विज्ञप्ति
*66 करोड़ श्रद्धालुओं का महाकुंभ में आगमन भारत की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का गौरवपूर्ण प्रतीक : केशव प्रसाद मौर्य*
*विपक्ष के तमाम प्रयासों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न झुके हैं और न आगे झुकेंगे : उप मुख्यमंत्री*
प्रयागराज। लखनऊ दिनांक 01.11.2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य आज प्रयागराज में आयोजित प्रबुद्ध महाकुंभ सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रयागराज की पावन धरती पर आयोजित महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हम सभी के लिए गौरव और गर्व की बात है। यह भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और अटूट आस्था का विराट प्रतीक है। महाकुंभ ने पूरी दुनिया को भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत का परिचय कराया है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार सरकार को असफल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन जनता का आशीर्वाद और विश्वास सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी न पहले झुके हैं और न आगे झुकेंगे। राष्ट्रहित, गरीब कल्याण और विकसित भारत के संकल्प के साथ केंद्र सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी।
श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए डबल इंजन सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रदेश की जनता के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं के परिश्रम से भाजपा सरकार जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए युवाओं, नौजवानों और महिलाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनता को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहकर अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।






