*TV 20 NEWS || AZAMGARH :मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम फेज-3 की समीक्षा बैठक सम्पन्न; जनपद के 200 विद्यालयों में आपदा प्रबंधन एवं छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

 

आजमगढ़ 04 नवम्बर, 2026//
मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम फेज-3 के अंतर्गत जनपद के 200 विद्यालयों में विभिन्न आपदाओं से बचाव, आपदा प्रबंधन एवं छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कंडारकार की अध्यक्षता में ज़ूम के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम फेज-3 के प्रभावी संचालन तथा विद्यालयों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय स्तर पर आवश्यक तैयारियां किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने, मजबूत मेज के नीचे शरण लेने तथा सिर एवं गर्दन को सुरक्षित रखने के संबंध में जागरूक किया जाए। भूकंप के झटके समाप्त होने के बाद निर्धारित सुरक्षित निकास मार्ग से खुले स्थान पर पहुंचने का अभ्यास कराया जाए। विद्यालयों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए। विद्युत उपकरणों एवं वायरिंग की नियमित जांच कराई जाए। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी, अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग तथा आपातकालीन सहायता प्राप्त करने के संबंध में प्रशिक्षित किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों में विशेष सतर्कता बरती जाए। विद्यार्थियों को बाढ़ के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों एवं तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाए। नदी, तालाब, पोखरों आदि में नहाने से रोका जाये। विद्यालयों में सुरक्षित निकासी एवं आवश्यक आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आकाशीय विद्युत के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों तथा जलाशयों से दूर रहने की जानकारी दी जाए। गरज-चमक के समय सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने तथा खुले स्थानों पर खेलकूद एवं अन्य गतिविधियां रोकने के संबंध में जागरूक किया जाए। विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने तथा गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। विद्यालयों में पेयजल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन कराया जाए। विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा एवं झाड़ियों से मुक्त रखा जाए। विद्यार्थियों को सांप दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखने तथा सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के संबंध में जागरूक किया जाए। सर्पदंश के पीड़ित को झाड़-फूंक अथवा घरेलू उपचार के बजाय शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के समस्त विद्यालयों में विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना तैयार कर उसे नियमित रूप से अद्यतन किया जाए। विद्यालयों में सुरक्षित निकास मार्ग, आपातकालीन संपर्क नंबर, प्राथमिक उपचार सामग्री तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में नियमित रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाए, जिससे छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को विभिन्न आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके। मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास कराया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए तथा विद्यालयों में पाई जाने वाली सुरक्षा संबंधी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए। शिक्षा विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता केवल विद्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों के माध्यम से परिवार एवं समाज तक भी पहुंचे। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण गतिविधियों एवं विद्यालय स्तर पर आयोजित अभ्यासों को प्रभावी बनाया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम फेज-3 के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, जिससे जनपद के विद्यालयों में सुरक्षित एवं आपदा-प्रतिरोधी शैक्षिक वातावरण का निर्माण किया जा सके तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) राजीव कुमार शुक्ल, पर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज कुमार श्रीवास्तव, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, प्लाटून कमाण्डर पी0ए0सी, जिला सूचना अधिकारी, एन0एस0एस0 समन्वयक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरिक्षक, आपदा विशेषज्ञ एवं आपदा लिपिक उपस्थित रहे।