TV 20 NEWS||AZAMGARH:जबरदस्ती जमीन पर कब्जा कर नहीं बनने दे रहे प्रधानमंत्री आवास, पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार।

आज़मगढ़: जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करने और प्रधानमंत्री आवास को नहीं बनने देने का आरोप लगाकर पीड़ित महिला ने पत्र देते हुए न्याय की मांग की। जानकारी के अनुसार अनुसार सगड़ी तहसील क्षेत्र के बासूपार बनकट निवासिनी सविता देवी पत्नी बृजमोहन ने शिकायती पत्र लेकर आरोप लगाते हुए बताया कि- प्रार्थिनी अनुसूचित जाति (चमार) की एक गरीब महिला है। पति रोजी- रोटी के सिलसिले में बाहर रहते है। प्रार्थिनी अपनी जमीन में छप्पर डालकर अपने परिवार के साथ रहती है व मेहनत मजदूरी करके अपना व अपने परिवार का भरण -पोषण करती है।
बगल में विद्यानन्द पुत्र राधेश्याम द्वारा अपनी पत्नी शशि यादव के नाम से बैनामा लिया गया है। विद्यानन्द पुत्र राधेश्याम द्वारा गाटा संख्या 256 का पत्थर नसब हेतु धारा 24 के अन्तर्गत न्यायालय उपजिलाधिकारी सगड़ी में वाद दाखिल किया गया था। विपक्षी धन, बल के बदौलत धारा 24 में राजस्व निरीक्षक जीयनपुर से मिल जुलकर व धन देकर अवैधानिक व गलत तरीके से फील्ड बुक व रिपोर्ट प्रार्थिनी के गाटा संख्या 257 में लगभग 20 कड़ी अधिक का बनवा लिया। उक्त फील्ड बूक व रिपोर्ट के आधार पर विपक्षी द्वारा दिनांक o7.11.2023 को आदेश भी पारित करा लिया। इस आदेश के बल पर विपक्षी विद्यानन्द पुत्र राधेश्याम द्वारा प्रार्थिनी को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण वर्ष 2020-2021 एवं 2021-2022 के अन्तर्गत मिले आवास निर्माण को नही बनने दिया। प्रार्थिनी को आवास निर्माण हेतु प्रथम किस्म की धनराशि मु० 40,000/- रूपया प्राप्त हो चुकी थी। आवास न बनने देने के द्वारा रिकवरी कारण कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी अजमतगढ़ आजमगढ़ नोटिस / 2022 2023 दिनांक 14,04,2022 प्राप्त करायी गयी। प्राथिनी गरीब व मजबूर महिला है। किसी तरह अपना व अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। रिकवरी/ नोटिस की धनराशि देने में अक्षम्य है। दिनांक o7.11.2023 न्यायालय उपजिलाधिेकारी सगड़ी आजमगढ के आदेश के विरूद्ध प्रार्थिनी द्वारा तजवीजसानी प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया है, जो विचाराधीन है। मुकदमा विचाराधीन होने के पश्चात् भी राजस्व निरीक्षक जीयनपुर समोधी राम, तहसील-सगडी, जनप-आजमगढ़ द्वारा विपक्षी के प्रभाव में आकर मौके पर जाकर प्रार्थिनी को डराया व धमकाया जा रहा है कि तुम अपना करकट व लैट्रिन आदि हटा लो अन्यथा तुमको पुलिस बुलाकर मरवाऊंगा व पिटवाऊंगा। पीड़िता ने मांग किया है कि- मामले की जांच उच्चाधिकारियों से कराकर दोषियों पर कानूनी कार्यवाही कर पीड़िता के साथ न्याय किया जाय।