उ0प्र0 षासन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2, के षासनादेष संख्या 49/2024/1650/477/18-2-2024 दिनांक 04 अक्टूबर, 2024 द्वारा ’’मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का प्रख्यापन किया गया है।
योजनांतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को गति प्रदान करते हुये इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं इस क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार सृजित किये जाने तथा प्रदेष में पूॅजी निवेष को आकर्षित करने हेतु प्रतिवर्ष 01 लाख नई सूक्ष्म इकाईयाॅ स्थापित किये जाने के लक्ष्य के साथ मिषन मोड में आगामी 10 वर्षो की समयावधि में कुल 10 लाख नई सूक्ष्म इकाईयाॅ स्थापित किये जाने के महत्वपूर्ण उद्देष्य की पूर्ति हेतु यह एक महत्वाकांक्षी नई योजना ’’मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का प्रतिपादन किया गया है। इस प्रकार योजना का मुख्य उद्देष्य उत्तर प्रदेष के षिक्षित व प्रषिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से ग्रामीण एवं षहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजित करना है। जिसके क्रम में अभी तक 2200 लक्ष्य के सापेक्ष 1135 का आवेदको का ऋण वितरण किया जा चुका है, तथा निरन्तर आजमगढ़ जनपद मे सी0एम0 युवा योजना का प्रचार-प्रसार करते हुये अधिक से अधिक युवाओं को इस परियोजना से लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे की अधिक से अधिकच रोजगार सृजन किया जा सके।
योजनांतर्गत पात्रता की शर्तेंः-
1-आवेदक उत्तर प्रदेष का निवासी हो।
2-आवेदक की आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष हो।
3-आवेदक की षैक्षिक योग्यता न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण हो। इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण अथवा समकक्ष को वरीयता दी जायेगी।
4-आवेदक सरकार द्वारा संचालित प्रषिक्षण योजनाओं जैसे विष्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रषिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग प्रषिक्षण योजना, उत्तर प्रदेष स्किल डेवलपमेन्ट मिषन द्वारा संचालित कौषल उन्नयन आदि में प्रषिक्षित हो अथवा किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय/षैक्षणिक संस्थान से कौषल संबंधी सर्टीफिकेट कार्स/डिप्लोमा/डिग्री प्राप्त हो।
योजनांतर्गत वित्त पोषणः-
1-उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की अधिकतम रू0 5.00 लाख तक की परियोजनाओं के ऋण पर अनुदान निर्धारित किया जायेगा।
2-रू0 5.00 लाख से अधिक रू0 10.00 लाख तक परियोजना लागत वाली इकाईयों में ऋण /वित्त की व्यवस्था लाभार्थी को स्वयं के श्रोतों से करनी होगी जिसके सापेक्ष कोई अनुदान देय नही होगा।
3-लाभार्थी को परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू0 5.00 लाख, जो भी कम हो, का 10 प्रतिषत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दिया जायेगा। यह अनुदान बैंक इण्डेड होगा।
4-परियोजना लागत अथवा अधिकतम रू0 5.00 लाख, जो भी कम हो, के सापेक्ष बैंक/वित्तीय संस्था से लिये गये ऋण के षत प्रतिषत ब्याज का उपादान वित्त पोषण की तिथि से अगले 4 वर्षा तक राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
5-परियोजना स्थापित न करने अथवा 4 वर्षो की समयावधि में परियोजना बन्द होने की स्थिति में मार्जिन मनी उपादान की धनराषि वापस ले जी जायेगी। यह इकाई के 4 वर्ष तक कार्यरत होने के उपरान्त उसके खाते में समायोजित की जायेगी।
6-आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों (पूर्वांचल क्षेत्र) के लाभार्थियों/आवेदकों को परियोजना लागत का 10ः प्रतिषत स्वयं के अंषदान के रूप में जमा करना होगा।