*TV20 NEWS|| PRAYAGRAJ :पत्नी की Murder के आरोपी वकील को 1 जज ने किया बरी, दूसरे ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी*

पत्नी की Murder के आरोपी वकील को 1 जज ने किया बरी, दूसरे ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

तीसरे न्यायाधीश के नामांकन के लिए केस चीफ जस्टिस के समक्ष रखा गया

पत्नी की Murder के आरोपी वकील को 1 जज ने किया बरी, दूसरे ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के बीच फतेहपुर के एक वकील द्वारा (Murder) दायर 29 साल पुरानी आपराधिक अपील पर फैसला सुनाते समय आपस में मतभेद हो गया. वकील को 1991 में अपनी पत्नी की हत्या (Murder) के लिए दोषी ठहराया गया था, क्योंकि पत्नी ने कथित तौर पर उसके नाम पर धन और संपत्ति हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया था.

जस्टिस सलिल कुमार राय ने कहा कि अभियोजन पक्ष हत्या (Murder) के आरोप को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा और अपीलकर्ता को बरी कर दिया. जबकि जस्टिस संदीप जैन ने साक्ष्य को ‘विश्वसनीय’ पाया और इस प्रकार निचली अदालत के दोषसिद्धि को बरकरार रखा तथा आरोपी को आजीवन कारावास की सजा काटने के लिए एक महीने के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया.

Murder करने के लिए दोषी ठहराया गया था

चूंकि दोनों न्यायाधीशों के तर्क और अंतिम परिणाम दोनों पर मतभेद थे, इसलिए मामला सीआरपीसी की धारा 392 के तहत तीसरे न्यायाधीश के नामांकन के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा गया है. अपील में फतेहपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के अप्रैल 1996 के फैसले और आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें शैलेन्द्र कुमार मिश्रा (अपीलकर्ता) को 26 जुलाई, 1991 को अपनी पत्नी सुनीता देवी की गोली मारकर हत्या (Murder) करने के लिए दोषी ठहराया गया था. उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतका (सुनीता देवी) की पहली शादी अपीलकर्ता के बड़े भाई से हुई थी, जिनकी एक हवाई दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. बाद में उन्हें वायुसेना से 2 लाख रुपये मिले और बाद में उन्होंने अपीलकर्ता, जो उनके देवर थे, से शादी कर ली. इसके बाद, मृतका (Murder) और अपीलकर्ता के बीच वैवाहिक संबंध तनावपूर्ण हो गए.

अपीलकर्ता लगातार उस पर अपनी धनराशि और जमीन-जायदाद अपीलकर्ता के पक्ष में हस्तांतरित करने का दबाव डाल रहा था. 26 जुलाई, 1991 को जब उसने फिर से उसकी माँग ठुकरा दी तो अपीलकर्ता ने कथित तौर पर उसे बहुत करीब से गोली मार (Murder) दी.