Azamgarh || सेन्ट्रल एकेडमी पब्लिक स्कूल, निजामाबाद में बच्चों के अधिकारों के बारे में जागरूकता हेतु शिविर का किया गया आयोजन

 

आजमगढ़ 31 मार्च 2026/
माननीय उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सेन्ट्रल एकेडमी पब्लिक स्कूल, निजामाबाद, आजमगढ में बच्चों के अधिकारों के बारे में जागरूकता हेतु शिविर का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का आयोजन माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष पुष्पार्चन एवं दीप प्रजज्वलित करके किया गया।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ नितिका राजन द्वारा शिविर में उपस्थित छात्रों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। सचिव द्वारा बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-24 में यह उल्लिखित है कि कारखानों, दुकानों, सार्वजनिक स्थलों पर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य कराना दण्डनीय अपराध है। शिविर में बताया गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 भारत में एक महत्वपूर्ण कानून है जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुक्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है इस अधिनियम का उद्देश्य देश के सभी बच्चों को समान शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। इस अधिनियम के अन्तर्गत माता पिता या अभिभावक छह से चौदह वर्ष की आयु के बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करेंगे तथा राज्य द्वारा बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जायेगी। आशीष कुमार राय, मुख्य विधिक प्रतिरक्षा परामर्शदाता, आजमगढ़ द्वारा पाक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, प्रतिरक्षा परामर्शदाता प्रणाली इत्यादि के बारे में जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर तहसील निजामाबाद के तहसीलदार, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सदस्य व स्कूल के शिक्षिकाऐं, छात्र-छात्राऐं, अभिभावकगण उपस्थित रहें।