1. TV 20 NEWS || AZAMGARH आजमगढ़ सदर तहसील में SDM पर गंभीर आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग भ्रष्टाचार और अवैध कब्जे के आरोपों से प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय श्री *सत्यपाल मलिक* जी के अंतिम यात्रा में राज्य प्रोटोकॉल, पूर्ण राज्य सम्मान और शोक संदेश न दिए जाने के मामले में *डॉ. अविरल मलिक* की शिकायत को गंभीरता से लिया है।
आयोग ने शिकायत को *डायरी नंबर 8679/IN/2026* आवंटित कर दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
*शिकायत के मुख्य बिंदु:*
– स्व. श्री सत्यपाल मलिक (पूर्व राज्यपाल जम्मू-कश्मीर, बिहार, ओडिशा, गोवा व मेघालय) एक सम्मानित संवैधानिक पदाधिकारी थे।
– उनके निधन (5 अगस्त 2025) पर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा उचित राज्य प्रोटोकॉल, राष्ट्रीय ध्वज पर शोक, आधिकारिक शोक संदेश और पूर्ण राज्य सम्मान नहीं दिया गया।
– जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा भी कोई राज्य शोक घोषित नहीं किया गया, जबकि पहले के राज्यपालों को यह सम्मान दिया जाता रहा है।
– इससे एक पूर्व राज्यपाल की गरिमा का उल्लंघन हुआ है, जो मानव अधिकारों का मुद्दा है।
*डॉ. अविरल मलिक* (स्व. सत्यपाल मलिक जी के पोते) ने कहा:
> “मेरे दादाजी ने देश सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित किया। अनुच्छेद 370 हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों की आवाज बने। उनके अंतिम संस्कार में राज्य सम्मान न देना न केवल परिवार बल्कि पूरे संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। हम आयोग के समक्ष न्याय की उम्मीद रखते हैं।”
*डॉ. अविरल मलिक* ने आयोग से मांग की है कि:






