उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने भीषण गर्मी को देखते हुए श्रमिकों की सुरक्षा के दिए निर्देश
– जी राम जी के श्रमिक विकास के सहभागी, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारा का कर्तव्य
लखनऊ, 17 मई 2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज ग्राम विकास विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में कार्यरत श्रमिकों को बढ़ते तापमान और लू के प्रभाव से बचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण श्रमिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संरक्षण के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी श्रमिक को कार्यस्थल पर असुविधा या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि जी राम जी योजना (पूर्व योजना– मनरेगा) के अंतर्गत संचालित कार्यस्थलों पर श्रमिकों के कार्य समय में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए श्रमिकों से कार्य प्रातः 6 बजे से 11 बजे तक तथा सायं 3 बजे से 6 बजे तक कराए जाने का सुझाव दिया गया है, ताकि दिन के अत्यधिक गर्म समय में श्रमिकों को कार्य न करना पड़े और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
श्री मौर्य ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी जी राम जी योजना (पूर्व योजना– मनरेगा) कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छाया, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही श्रमिकों की नियमित निगरानी की जाए और यदि किसी श्रमिक को गर्मी या लू से संबंधित समस्या होती है तो उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्रमिक प्रदेश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण सहभागी हैं और उनके परिश्रम से ही गांवों में विकास कार्य गति प्राप्त करते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित और स्वस्थ श्रमिक ही सशक्त विकास की आधारशिला होते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास कार्यों के साथ-साथ श्रमिकों की गरिमा, सुरक्षा और स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान निरंतर बना रहे।






