*TV 20 NEWS ||LUCKNOW:“सा विद्या या विमुक्तये” — शिक्षा वही जो जीवन और समाज को मुक्ति की दिशा दे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
लखनऊ, 1 जून 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि सच्ची विद्या वही है जो मनुष्य को केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि उसे हर प्रकार की बंधनों से मुक्ति की दिशा में ले जाती है। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “सा विद्या या विमुक्तये” का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल रोजगार या सूचना प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में शिक्षा प्रणाली को इस तरह विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे छात्र केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के सामने आने वाली समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा व्यक्ति में नैतिकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का विकास नहीं करती, तो वह अपने मूल उद्देश्य से भटक जाती है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में यह भी कहा कि आधुनिक युग में तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों और जीवन-दृष्टि का संतुलन भी आवश्यक है। उनके अनुसार, वही शिक्षा सार्थक है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज के प्रति उत्तरदायी भी बनाए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल व्यक्तिगत उन्नति का साधन न मानें, बल्कि इसे समाज और राष्ट्र के उत्थान का माध्यम बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसी शिक्षा देने की जरूरत है जो उन्हें भविष्य की अनिश्चितताओं और वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार कर सके।
इस अवसर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कौशल विकास और मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। सरकार की योजनाओं के संदर्भ में यह संकेत दिया गया कि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुख और जीवन-केंद्रित बनाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि “सा विद्या या विमुक्तये” केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है, जो यह सिखाता है कि शिक्षा का अंतिम लक्ष्य मनुष्य को अज्ञान, भय और असमर्थता से मुक्त करना है।






