*TV 20 NEWS || AMBEDKAR NAGAR:अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर जंक्शन पर ट्रेन की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मयूर की मौत, मौके पर RPF और वन विभाग ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया*
अम्बेडकरनगर। जनपद के अकबरपुर रेलवे जंक्शन पर शुक्रवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहां भारत के राष्ट्रीय पक्षी मयूर (मोर) की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पक्षी के शव को सुरक्षित कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय रेलवे ट्रैक के आसपास एक मोर विचरण कर रहा था। इसी दौरान तेज गति से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत आरपीएफ को दी, जिसके बाद वन विभाग को भी अवगत कराया गया।
मौके पर पहुंची आरपीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृत पक्षी राष्ट्रीय पक्षी मयूर है। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन करते हुए आवश्यक पंचनामा और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं।
कार्रवाई पूर्ण होने के बाद आरपीएफ और वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय पक्षी का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी सहित सभी वन्यजीव देश की प्राकृतिक धरोहर हैं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी दुख व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि रेलवे ट्रैक के आसपास अक्सर मोर और अन्य पक्षी दिखाई देते हैं, ऐसे में उनके संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कई लोगों ने रेलवे प्रशासन और वन विभाग से ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
वन विभाग के अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं घायल या संकट में फंसे वन्यजीव दिखाई दें तो तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उनका सुरक्षित रेस्क्यू और उपचार कराया जा सके।
इस संवेदनशील पहल के लिए स्थानीय लोगों ने आरपीएफ और वन विभाग की सराहना की। राष्ट्रीय पक्षी के प्रति सम्मान दिखाते हुए पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किए जाने को लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश बताया।






