*TV 20 NEWS || AZAMGARH :स्वयं सहायता समूहों से अधिकाधिक महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूह सखियों का प्रशिक्षण आयोजित-जिलाधिकारी*
स्वयं सहायता समूहों से अधिकाधिक महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूह सखियों का प्रशिक्षण आयोजित-जिलाधिकारी
लोकोस ऐप, ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन एवं आधार ओटीपी सत्यापन की दी गई विस्तृत जानकारी
17 विकास खंडों के समूह सखियों का अब तक हो चुका है उन्मुखीकरण, प्रत्येक समूह सखी को प्रतिदिन कम से कम एक समूह गठन का लक्ष्य
आजमगढ़, 25 जुलाई 2026।
जनपद में अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में तैनात समूह सखियों का उन्मुखीकरण/प्रशिक्षण शिविर हरिऔध कला केंद्र, आजमगढ़ में आयोजित किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त स्वतः रोजगार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन डॉ. आराधना त्रिपाठी ने की।
कार्यशाला में विकास खंड अहिरौला, अतरौलिया, हरैया, लालगंज, मार्टिनगंज एवं मेहनगर की समूह सखियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रशिक्षण के दौरान शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय राशन कार्डधारक परिवारों की महिलाओं को अधिकाधिक संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के संबंध में समूह सखियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण में लोकोस ऐप के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकसित इस विशेष मोबाइल एप्लीकेशन का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों एवं संकुल स्तरीय संघों से संबंधित डेटा का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों के गठन एवं नए सदस्यों को समूह से जोड़ने की प्रक्रिया के तहत ई-केवाईसी सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन तथा आधार ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया के बारे में समूह सखियों को व्यावहारिक एवं विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
उपायुक्त स्वतः रोजगार डॉ. आराधना त्रिपाठी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने समूह सखियों को निर्देशित किया कि पात्र महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए गांव-गांव जाकर प्रभावी प्रयास करें। उन्होंने प्रत्येक समूह सखी को प्रतिदिन कम से कम एक स्वयं सहायता समूह के गठन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के 17 विकास खंडों के समूह सखियों का अब तक उन्मुखीकरण किया जा चुका है। प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण के माध्यम से समूह सखियों की कार्यक्षमता बढ़ाते हुए स्वयं सहायता समूहों के विस्तार को गति दी जा रही है, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर आजीविका के विभिन्न साधनों से जुड़ सकें।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर उद्यमशीलता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार के साथ-साथ समाज एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
प्रदेश सरकार नारी शक्ति को विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी मानते हुए महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं समग्र सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई गति प्रदान कर रहा है।






