*TV 20 NEWS || AZAMGARH :मानसिक रूप से अस्वस्थ विवाहिता से 6 माह तक दुष्कर्म, गर्भवती होने पर दी जान से मारने की धमकी*
दिनांक – 17-08-2026
ब्यूरो प्रमुख आशीष कुमार निषाद अतरौलिया आजमगढ़
स्लग – मानसिक रूप से अस्वस्थ विवाहिता से 6 माह तक दुष्कर्म, गर्भवती होने पर दी जान से मारने की धमकी,
, क्षेत्रीय संयोजक रमाकांत मिश्रा ने की डीएनए जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
ऐंकर –
स्थानीय थाना क्षेत्र के नाउपुर गांव में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक विवाहिता को शादी का झांसा देकर छह माह तक दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। अब आरोपी पक्ष द्वारा पीड़िता पर जबरन गर्भपात कराने और मामले में समझौता करने का दबाव बनाते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित पति ने थाने में तहरीर देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में नाउपुर निवासी संजय निषाद ने बताया कि वह परिवार के भरण-पोषण के लिए बाहर रहकर मजदूरी करता है। घर पर उसकी मानसिक रूप से अस्वस्थ पत्नी अपने नाबालिग बच्चों के साथ रहती है। आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर गांव का ही श्यामकिशोर यादव उर्फ मिसिर यादव करीब छह माह से महिला का शारीरिक व मानसिक शोषण करता रहा। विरोध करने पर उसने महिला को धमकाया और भरोसा दिलाया कि भेद खुलने पर वह उससे विवाह कर लेगा।
पति जब मजदूरी कर घर लौटा, तो पत्नी को गर्भवती देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पूछताछ के बाद जब उसने आरोपी पक्ष से बात की, तो परिजनों ने एक सप्ताह का समय मांगते हुए महिला को बहू बनाकर अपनाने की बात कही, लेकिन मौका मिलते ही आरोपी गांव से फरार हो गया। पीड़िता वर्तमान में प्रसव के बेहद करीब है। आरोप है कि आरोपी श्यामकिशोर यादव और उसका भाई उदयभान यादव उर्फ मखन्नू यादव घर आकर जबरन गर्भपात कराने और सुलह का दबाव बना रहे हैं। इनकार करने पर पूरे परिवार को खत्म करने और अदालत में देख लेने की खुली धमकी दी जा रही है।
मामले में श्रम प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक रमाकांत मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई में देरी होने के कारण उन्होंने इस गंभीर प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष को तत्काल मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
”मानसिक रूप से अक्षम महिला के साथ किया गया यह कृत्य अत्यंत अमानवीय, घृणित और अक्षम्य है। इस जघन्य अपराध में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए नवजात और आरोपी का अनिवार्य रूप से डीएनए (DNA) टेस्ट कराया जाना चाहिए। पीड़ित परिवार बेहद डरा हुआ है, इसलिए प्रशासन तुरंत उन्हें 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करे। यदि पुलिस-प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की सुसंगत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा और न्याय के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।”
थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि पीड़िता के पति की तरफ से तहरीर मिली है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जांचोपरांत दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






