*TV 20 NEWS || LUCKNOW: उपमुख्यमंत्री जी ने देश व प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की दी हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं*

प्रेस विज्ञप्ति

– *उपमुख्यमंत्री जी ने देश व प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की दी हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं*

– *भगवान श्रीकृष्ण जी के कर्मयोग, सत्य और धर्म के संदेश को जीवन में उतारें : केशव प्रसाद मौर्य*

लखनऊः 03 सितम्बर 2026, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन एवं पुनीत पर्व पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण जी की कृपा से देश व प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली आए और समाज में प्रेम, सौहार्द, भाईचारे तथा आपसी विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो।

शुभकामना देते हुए उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का महान स्रोत है। उन्होंने अपने जीवन और *श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से सम्पूर्ण मानव समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।* गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी द्वारा दिया गया ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना हजारों वर्ष पूर्व था।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने हमें सिखाया कि व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए तथा परिणाम की चिंता किए बिना सतत कर्म करते रहना चाहिए। उनका कर्मयोग का संदेश जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में मनुष्य को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

श्री मौर्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करते हुए धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए। श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने, चुनौतियों का साहस पूर्वक सामना करने और समाज एवं राष्ट्र के हित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण जो के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, विचारों और जीवन-दर्शन को आत्मसात करने का अवसर भी है।

उन्होंने देश एवं प्रदेशवासियों से अपील की कि जन्माष्टमी का पर्व प्रेम, सौहार्द, आपसी भाईचारे, श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाएं। पर्व के दौरान सभी लोग सामाजिक समरसता एवं शांति का संदेश दें और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।