*TV 20 NEWS || AZAMGARH :शिक्षक दिवस पर ‘शिक्षक’ बने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार, शिक्षक के महत्व से छात्रों को कराया अवगत*

शिक्षक दिवस पर ‘शिक्षक’ बने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार, शिक्षक के महत्व से छात्रों को कराया अवगत

डीएम को अपने बीच पाकर छात्र हुए उत्साहित, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की ली प्रेरणा

जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय भोरमऊ, फूलपुर का किया आकस्मिक निरीक्षण

सौरमंडल से लेकर कहानियों तक, डीएम ने बच्चों की ज्ञान क्षमता को परखा

आजमगढ़, 05 सितम्बर 2026//

जनपद में संचालित विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई, शैक्षणिक संसाधनों तथा डिजिटल शिक्षा सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। साथ ही बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी वास्तविक समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी ली जा रही है।

इसी क्रम में शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने प्राथमिक विद्यालय भोरमऊ, फूलपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के विभिन्न कक्षों में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा उनसे किताबें पढ़वाकर एवं विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर शिक्षा के गुणवत्ता स्तर को परखा। उन्होंने विद्यालय की दीवारों पर चस्पा की गई कविता/कहानियों को भी बच्चों से पढ़वाया तथा कविता/कहानी से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी समझ एवं ज्ञान का परीक्षण किया।

शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने बच्चों को भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को प्रत्येक वर्ष 05 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षकों के महत्व तथा शिक्षा के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

जिलाधिकारी ने विद्यालय की दीवारों पर बनाए गए सौरमंडल का भी अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से सौरमंडल के विभिन्न ग्रहों एवं उपग्रहों के संबंध में प्रश्न पूछे तथा बच्चों को ग्रहों और सौरमंडल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस दौरान जिलाधिकारी शिक्षक की भूमिका में नजर आए और बच्चों के साथ सहज एवं आत्मीय वातावरण में संवाद करते हुए उन्हें सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छात्र-छात्राएं मध्यान्ह भोजन कर रहे थे। जिलाधिकारी ने बच्चों के बीच जाकर उनसे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वाद एवं नियमित उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। बच्चों से प्राप्त जानकारी के आधार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय के शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने विद्यालय के रसोईघर का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर में तैयार किए गए भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण किया तथा भोजन तैयार करने एवं रखने की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने रसोईघर तथा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं स्वच्छ मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों एवं शिक्षण सामग्री का विद्यार्थियों के हित में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उनकी रुचि, प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित एवं प्रेरित किया जाए, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर जीवन में आगे बढ़ सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का सत्यापन किया जाएगा तथा जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा।