*TV 20 NEWS || AZAMGARH:शैदा का साहित्य आजमगढ़ की धरोहर : प्रो गीता सिंह आजमगढ़ ; शैदा साहित्य मंडल आजमगढ़ द्वारा आयोजित प्रतिभा निकेतन स्कूल अतलस पोखरा,आजमगढ़ में शैदा जयंती एवं साहित्यिक समारोह 2026 कार्यक्रम किया गया*
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शैदा का साहित्य आजमगढ़ की धरोहर : प्रो गीता सिंह आजमगढ़ ; शैदा साहित्य मंडल आजमगढ़ द्वारा आयोजित प्रतिभा निकेतन स्कूल अतलस पोखरा,आजमगढ़ में शैदा जयंती एवं साहित्यिक समारोह 2026 कार्यक्रम किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत मंचस्थ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर द्वीप प्रज्ज्वलन और श्री देवेंद्र तिवारी देव के द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई।कार्यक्रम में सभी का स्वागत डॉ0अम्बरीश श्रीवास्तव संयोजक शैदा साहित्य मंडल आजमगढ़ ने किया।कार्यक्रम में अध्यक्षीय भाषण में बोलते हुए प्रो गीता सिंह शिक्षक श्री अध्यक्ष स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डी ए वी पी जी कॉलेज आजमगढ़ ने कहा कि शैदा साहित्य आजमगढ़ की धरोहर है।आपकी पुस्तकों में दुर्गे,रक्षिका,साजन के गीत,कसक,अंतर ज्योति प्रमुख है।आपके नाम पर स्थापित संस्था 1984 से लगातार आजमगढ़ में पुस्तकों का प्रकाशन,लोकार्पण और वरिष्ठ साहित्यकारों का सम्मान करती आ रही है।इस अवसर पर बोलते हुए श्री संजय कुमार श्रीवास्तव जी ने कहा कि शैदा जी की कुल 16 पुस्तकें प्रकाशित हैं और दर्जनों अप्रकाशित भी हैं जिन्हें भविष्य में प्रकाशित किया जाएगा।श्री अजय कुमार गुप्ता जी ने कहा कि शैदा जी का व्यक्तित्व और कृतित्व अनुकरणीय है।आपकी रचनाएं तब भी प्रासंगिक है और भविष्य में भी रहेंगी।श्री राजेश अस्थाना अनंत महामंत्री ने शैदा जी की अनेकों कविताओं को कोड करते हुए कहा कि शैदा के साजन के गीत में मानवीय संवेदना कूट-कूट कर भरी हुई दिखाई पड़ती है।
इस अवसर पर सम्मानित मंच के माध्यम से शैदा साहित्य मंडल आजमगढ़ से जुड़े प्रथम संस्थापक अध्यक्ष स्व0 सूरत सहाय लाल ‘ध्रुव’ जी को उनके योग्य सुपुत्र डॉ0 भक्तवत्सल श्रीवास्तव और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव के माध्यम से शैदा साहित्य सम्मान 2026-27 से सम्मानित किया गया।सम्मान के उपरांत स्व0सूरत सहाय लाल ‘ध्रुव’ जी के साहित्य पर बोलते हुए प्रो अखिलेश चन्द्र शिक्षा संकाय, श्री गांधी पी जी कॉलेज माल्टारी,आजमगढ़ और संरक्षक:शैदा साहित्य मंडल आजमगढ़ ने कहा कि 27 जुलाई 1916 को जन्म लेने वाले ध्रुव जी साहित्य जगत के भी ध्रुव रहें हैं।आपकी पुस्तकों में स्त्रियों के मंगल गीत,चरखा चतुर्दशी,जिज्ञासा, मानस शब्दानुशासन, पुष्पांजलि प्रमुख हैं।आपका जो कद आपके लेखन में है वह स्थान आपको नहीं मिला जिसकी आपको जरूरत थी।आचार्य गोस्वामी तुलसीदास कृत राम चरित मानस पर आपने मानस शब्दानुशासन के माध्यम से अवधी के एक एक शब्द का व्याकरणीय विवेचना की है जो हिंदी साहित्य में एक शोध ग्रन्थ के रूप में स्थापित है।इस अवसर पर सम्मान से अभिभूत डॉ0 भक्तवत्सल श्रीवास्तव जी ने कहा कि मैं शैदा साहित्य मंडल, आजमगढ़ का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
इस अवसर पर सम्मानित मंच द्वारा जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार श्री कन्हैया लाल अस्थाना प्रहरी जी की महत्वपूर्ण पुस्तक ‘गुनगुने गीत’ का लोकार्पण भव्य रूप में हुआ।पुस्तक गुनगुने गीत पर बोलते हुए प्रो. जगदम्बा प्रसाद दुबे हिन्दी विभाग डी ए वी पी जी कॉलेज आजमगढ़ ने कहा कि गुनगुने गीत के हर गीत गेयतापूर्ण है जिन्हें संगीत के रूप में लयबद्ध किया जा सकता है।प्रहरी जी ने इस पुस्तक के माध्यम से समाज के हर पहलू को समेटा है। स्त्री विमर्श,राष्ट्रीय विमर्श,और सामाजिक सरोकार से जुड़े हर विसंगति को नजदीक से छुआ ,देखा और लिखा है।इसी पुस्तक पर बोलते हुए श्री राजेश अस्थाना अनंत ने कहा कि गुनगुने गीत के सभी प्रसंग बड़ी बेबाकी से अपनी बात समाज के सामने रखते है।यह महत्त्वपूर्ण कृति हिंदी साहित्य में अपना बहुमूल्य योगदान देंगी ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।इस अवसर पर श्री कन्हैया लाल अस्थाना प्रहरी जी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सरस कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें श्रोता देर रात तक आनंदित होते रहे। अपनी कविता से श्री रुद्र नाथ चौबे ने ओज की रचनाएं पढ़कर समा बांध दिया।श्री अभिराज बेदर्दी ने अपनी भोजपुरी रचना चिरई का घोषला हो गइल सुनाकर लोगो का ध्यान खींचा।श्री दिनेश कन्नौजिया बिलरियागंज ने जन्म दिन मुबारक हो,ये मुबारक घराना है सुनाकर लोगों की वाह वाही लूटी।जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार श्री हरिहर पाठक ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की।डॉ0वंदन सिंह ने अपनी रचना ये दर्द अपना है कोई मरहम क्यों नहीं लगाता सुनाकर समा बांध दिया।वरिष्ठ भोजपुरी गीतकार श्री कृष्ण देव घायल मऊ ने अपने गीतों से भोजपुरी मिठास बिखेरी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ0 संजय सिंह सागर जौनपुर ने अपनी श्रृंगार रचना मन के तारों को न छेड़ा करों,मन की मदिरा अभी ये छलक जाएगी से कवि गोष्ठी को अधिकतम ऊंचाई प्रदान की। श्री राज कुमार आशीर्वाद ने यार के नसीब में जुदाई- जुदाई सुनाकर मंत्र मुग्ध किया।श्री बृजबाला श्रीवास्तव ने न्याय प्रदाता चित्रगुप्त पर रचना सुनाई।श्री कौशल किशोर राय ने तरन्नुम में मेरा सावन बीता जाय सुनाया।श्री सौरभ राय ने भोजपुरी रचना जहिया से दिनवा धराईल ये पापा सुनाया सभी की आंखे नम हो गई।श्री अभिषेक पाण्डेय शोध छात्र हिंदी विभाग डी ए वी पी जी कॉलेज आजमगढ़ ने इलाहाबाद के दिनों के संदर्भों में अपने गीतों से समा बांध दिया। श्री सीताराम पाण्डेय ने स्व0हरिवंश राय बच्चन की मधुशाला की पंक्तियों को सुनाकर वाह वाही लूटी।श्री जय हिंद सिंह हिन्द ने आज कैसे कैसे चलन हो गए,सोशल मीडिया पर चैट हो गए और दोहा सुनाया।श्री देवेंद्र तिवारी देव ने ग़म के आंसू को छुपाकर मुस्कुराना चाहते हैं प्यार की बस्ती में घर बसाना चाहते हैं सुनाया।श्री अजय कुमार गुप्ता ने अपनी कविता से समाँ बांधा।श्री अम्बरीश श्रीवास्तव ने हास्य व्यंग की रचना से सबको हंसने और सोचने पर मजबूर किया।प्रो अखिलेश चन्द्र ने अपना हस्ताक्षर गीत मां भारती का हर वक्त सम्मान करता हूं, आजमगढ़ की चंदन जैसी मिट्टी को प्रणाम करता हूं,वतन पर मर मिटने को मैं हरदम तैयार रहता हूं,तिरंगा हो कफ़न अपना यही अरमान रखता हूं सुनाकर तालियों की खूब वाह वाही लूटी।कार्यक्रम के दोनों सत्रों का सफल संचालन कर रहे श्री राजेश अस्थाना अनंत ने अपनी कविता जब एक वृक्ष गिरता है तो केवल लकड़ी नहीं टूटती सुनाकर पर्यावरणीय चेतना विकसित की। अध्यक्षता कर रही प्रो गीता सिंह ने अपनी अनेकता में एकता रचना के साथ पीड़ा जो आज मिली है, आलिंगन इसका कर लो,कर पीड़ा को ही जीवन, मानस मदिरा से भर लो सुनाकर कार्यक्रम को अधिकतम ऊंचाई प्रदान की।
इस भव्य कार्यक्रम में जनपद सहित प्रदेश के कई जिलों से सैकड़ों साहित्य सुधी जनों ने भाग लिया।उपस्थिति में प्रमुख रूप से प्रो प्रेम चन्द्र यादव शिक्षा संकाय श्री गांधी पी जी कॉलेज माल्टारी, आजमगढ़,श्री मैकश आज़मी, डॉ0 नंदिनी पांडेय असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी सर्वोदय पी जी कॉलेज आजमगढ़,श्री प्रेमदत्त यादव शोध छात्र हिंदी डी ए वी पी जी कॉलेज आजमगढ़,श्री आलोक शर्मा, डॉ0 हरिकेश मिश्रा सहायक प्राध्यापक कंपोजिट उच्च माध्यमिक विद्यालय सगड़ी आजमगढ़,श्री सचिन श्रीवास्तव मीडिया, डॉ0 देवेश दुबे अध्यक्ष भारत विकास परिषद आजमगढ़, डॉ0 अवनीश अस्थाना पी जी कॉलेज टांडा अंबेडकरनगर,श्री हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव भारत रक्षा दल,श्रीमती वर्षा उपाध्याय शोध छात्र शिक्षा संकाय श्री गांधी पी जी कॉलेज माल्टारी आजमगढ़,श्री मनोज उपाध्याय,श्री गांधी नेहाल,श्री रोहित राही,श्री अनिल राय सहायक प्राध्यापक,श्री देवी प्रसाद तिवारी अध्यक्ष संस्कार भारती,श्री जय प्रकाश यादव बिजनौर,श्री उदय राज यादव राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक,श्री ऋत्विक जायसवाल निदेशक वेदांता हॉस्पिटल आजमगढ़,डॉ0अनुतोष श्रीवास्तव,श्री कृष्ण कांत मिश्र, डॉ0 पी सी श्रीवास्तव,श्री अभिषेक श्रीवास्तव,श्री दुर्गेश श्रीवास्तव मीडिया प्रभारी,श्री लालजी यादव प्रबंधक,श्री राधेश्याम सहायक प्राध्यापक सहित गणमान्य लोगों ने अपनी सहभागिता दी।






