. भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने असदुद्दीन ओवैसी के ‘मुसलमान याद रखेंगे, तुम्हें कौन बचाएगा’ वाले बयान पर पलटवार किया

नई दिल्‍ली. भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के ‘मुसलमान याद रखेंगे, तुम्हें कौन बचाएगा’ वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्‍होंने कहा कि ओवैसी जो बात कह रहा है, इसे बड़ी गंभीरता से लेना चाहिए. वह जो कह रहा है वह पहले कर चुका है. ओवैसी ने कोलकाता में डायरेक्ट एक्शन डे (Direct Action Day) के दिन जो किया, वही कह रहा है.

इसके साथ कपिल मिश्रा ने कहा कि मैं ओवैसी जैसे लोगों और उनको चीयर करती भीड़ को एक बात समझाना चाहता हूं कि यह 1921 और 1947 वाला भारत नहीं है. सुहरावर्दी और जिन्ना वाली जहरीली सोच को निर्ममता से कुचला जाएगा. मोदी जी और योगी जी अब कहीं जाने वाले नहीं हैं. ये जितनी जल्दी समझ जाओ उतना अच्छा होगा, ये नया भारत हैं, आस्तीन के सांपों को दूध नहीं पिलायेगा, उनके फन को अपनी एड़ियों के नीचे कुचल देगा.

कपिल मिश्रा ने किया ये इशारा
कपिल मिश्रा ने कहा कि यह बात समझनी होगी कि यह सिर्फ चुनावी बयान नहीं है बल्कि 1921 में जिस तरीके से मुस्लिम लीग की राजनीति शुरू की गई थी, उस तरीके की राजनीति द्वारा भारत में शुरू करने की कोशिश की जा रही है. सिर्फ ओवैसी नहीं बल्कि सारे लोगों के भाषण का मकसद यही है कि मोदी-योगी हटें और हिंदू कटे. आने वाले 10-15 साल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं और हमें यह समझना होगा कि हम पिछले 100 साल वाली गलती दोहराएंगे या फिर नए भारत की तरह आने वाले को कड़ा जवाब देंगे.

मिश्रा ने विपक्ष पर लगाया ये बड़ा आरोप

कपिल मिश्रा ने कहा कि चुनावी प्रचार प्रसार में इस बार जिन्ना की बात अखिलेश यादव ने शुरू की. जबकि औरंगजेब की बात कांग्रेस ने शुरू की और अब ओवैसी…तुम्हें बचाएगा कौन शुरू कर रहे हैं. बीजेपी तो अपने विकास की बात करती है. बीजेपी तो योजनाओं पर चर्चा कर रही है. लोगों के विकास पर चर्चा कर रही है, लेकिन विपक्ष धर्म को आधार बनाकर चुनाव प्रचार कर रहा है. ओवैसी को समझना होगा कि इस तरीके की बयानबाजी से जन आधार नहीं बनेगा. वह हैदराबाद में है और हैदराबाद में ही रहे, उनके लिए वही बेहतर है.

कानपुर में इत्र व्यापारी के घर पर छापे पर ये बोल कपिल
यूपी के कानपुर में इत्र व्यापारी के यहां पड़े छापे पर कपिल मिश्रा ने कहा कि उन्होंने तो समाजवादी पार्टी का इत्र भी लॉन्‍च किया था, उसकी खुशबू देखिए. यही किस तरह का समाजवाद और लोहियावाद है कि अखिलेश यादव के बड़े-बड़े बंगले तैयार हो गए, तो उनके नेताओं के यहां नोटों की गड्डियां मिल रही हैं, इसीलिए इनको ईडी और सीबीआई बुरी लगती है. आखिर इनके लोगों के घोटाले सबके सामने आ रहे हैं. मुझे लगता है उत्तर प्रदेश की जनता ने इस लुटेरे, हत्यारे और नकली समाजवाद को बहुत अच्छी तरीके से समझ लिया है.