आजमगढ़। नगर के रैदोपुर काली चौरा स्थित दि आर्य विद्या सभा के कार्यालय में शुक्रवार की देरशाम को डॉ. श्रीनाथ सहाय के निधन पर श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर दो मिनट का मौन रख गतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना किया गया।
इस मौके पर सभा के अध्यक्ष कैलाश नाथ श्रीवास्तव ने कहाकि आजमगढ़ मंडल के बलिया जिले के सुमेरनपुर निवासी डॉ० श्रीनाथ सहाय जैसे कलमकार की कर्मस्थली आजमगढ जनपद रही। भले ही आज उनका शरीर पंचतत्व में विलिन हो गया है लेकिन उनके कर्म सदैव उनकी उपस्थिति को बंया करती रहेगी। बलिया निवासी स्व कृपाशंकर सिन्हा एवं माता स्व विन्दा देवी के घर में जन्में श्रीनाथ सहाय का पूरा जीवन उपलब्धियों से भरा रहा। अपने भाई बहनों में श्री नाथ सहाय पाँचवीं सन्तान थे। आपने शिक्षा-दीक्षा अपने गृह जनपद बलिया में पूर्ण करने के उपरांत कर्मक्षेत्र आजमगढ़ को चुना जहाँ पर जीविकोपार्जन वर्ष 1969 में श्री गाँधी इण्टर कालेज मालताड़ी में समाजशास्त्र विषय के प्रवक्ता के रूप में नियुक्त हुए इसके बाद वे प्रधानाचार्य पद के शिखर तक पहुंचते हुए 2008 में सेवानिवृत्त हुए। इस दौरान श्री नाथ सहाय राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित हुये और 2 वर्ष सेवाकाल की वृद्धि भी प्राप्त किये।
सभा के मंत्री नरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव एड. ने कहाकि श्रीनाथ अध्यापकीय सेवा के कुशलतापूर्वक निर्वहन के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों में भी अभिरूचि रखते थे। डॉ० सहाय वाराणसी से प्रकाशित हिन्दी दैनिक सन्मार्ग के संवाददाता और वरिष्ठ पत्रकार थे। आप 20 वर्षों के लम्बे समय तक आकाशवाणी के भी संवाददाता रहे।
प्रभुनाथ सिंह मयंक ने कहाकि समाज सेवा के क्षेत्र में इनके योगदान को भूला नहीं जा सकता। अन्तर्राष्ट्रीय संस्था रोटरी क्लब, आजमगढ़ के अध्यक्ष पद पर चार वर्षों तक बने रहे। इण्टरनेशनल गुडविल सोसाइटी ऑफ इण्डिया के संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव भी रहे। साथ ही इन्होंने इंग्लैण्ड, फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैण्ड, जर्मनी, आस्ट्रिया, स्विटजरलैण्ड, आइस्टाइन, बेक्टिन, इटली आदि देशों की सद्भावना यात्रा भी किया। इस प्रकार वह देश ही नहीं विदेशों में भी अपने सामाजिक सेवा कार्यों से विख्यात हुये। मारीशस के राष्ट्रपति कासिम मुत्तीन ने भी अपने आवास पर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति डॉ शंकरदयाल शर्मा ने भी अपने कार्यकाल में किसी विषय पर व्याख्यान देने हेतु अपने राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आमंत्रित किया। पूर्वांचल की नामचीन ऑल इण्डिया चिल्ड्रेन एण्ड एजूकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी, आजमगढ़ के अध्यक्ष, श्री सांगवेद संस्कृत महाविद्यालय हनुमानगढ़ी, आजमगढ़ के प्रबन्धक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन किए। उनकी कर्मठता, विलक्षण प्रतिभा एवं जन सेवा मर्मत्त्व से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल ने इन्हें बाल कल्याण समिति, आजमगढ़ का दोबारा सदस्य नामित किया। उन्होंने सामाजिक सरोकार की सार्थक सेवा में बहुआयामी पटल-विस्तार देने हेतु चिंतन विचार-केन्द्र नामक संस्था का गठन भी किया। श्रीनाथ सहाय जैसे कर्मकार को आजमगढ़ जनपद पाकर खुद भी गौरवान्वित हो उठा। इतना हीं डॉ सहाय दी आर्य विद्या सभा, आजमगढ़ की प्रबन्ध समिति के सदस्य एवं डी०ए०वी० इण्टर कालेज, आजमगढ़ की प्रबन्ध समिति के सदस्य और दयानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आजमगढ़ के प्रबन्ध समिति के मंत्री/प्रबन्धक पदों को भी सुशोभित किए।
श्रद्धाजंलि सभा में नरेन्द्र लाल, पूर्व प्रचार्य शुचिता श्रीवास्तव, राय अनूप कुमार श्रीवास्तव, निरंकारी प्रसाद जी, बद्रीनाथ सिन्हा, डॉ. शशि भूषण प्रशान्त, डॉ. पियूष कुमार, पंकज सिंह, आलोक सिंह, सतीश सिंह आदि ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
दिनांक 12/11/2022 भवदीय






