*TV20 NEWS|| PRAYAGRAJ :एलनगंज रामप्रिया रोड स्थित दो प्लाटों 27 व 28 का Demarcation करने का निर्देश, डीएम को निर्देश एडीएम के नेतृत्व टीम बनायें*
एलनगंज रामप्रिया रोड स्थित दो प्लाटों 27 व 28 का Demarcation करने का निर्देश, डीएम को निर्देश एडीएम के नेतृत्व टीम बनायें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के एलनगंज मोहल्ले में रामप्रिया रोड स्थित विवादित नवीन पर्ती के दो प्लाटों का Demarcation करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने जिलाधिकारी को एडीएम की एक टीम बनाकर राजस्व विभाग के स्किल्ड अधिकारियों के जरिए दोनों प्लाटों का Demarcation करके 8 अप्रैल को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है और प्रयागराज विकास प्राधिकरण को याचिका पर जवाब दाखिल करने का एक अवसर और दिया है.
कोर्ट ने कहा विवाहित प्लाट पर स्थित भवन को एसडीएम सदर के आदेश से ध्वस्त करने का आरोप है. कोर्ट ने पहले ही एसडीएम को ध्वस्तीकरण के बाद प्लाट पर किसी प्रकार के निर्माण करने पर रोक लगा रखी है. गोपाल कृष्ण व नौ अन्य की तरफ से दाखिल याचिका की सुनवाई जस्टिस अजित कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने की. कोर्ट के निर्देश पर एसडीएम ने अनुपालन हलफनामा दाखिल किया.
याची का कहना है कि निर्माण ध्वस्त करने का आदेश देने का एसडीएम को अधिकार नहीं है. जमीन नगर निगम की है. याची बने भवन में निवास करता है. जिसका ध्वस्तीकरण किया गया है. कोर्ट ने कहा ध्वस्तीकरण किस प्लाट का किया गया है स्पष्ट नहीं. प्लाट 27 या 28 का, यह स्पष्ट नहीं किया गया है. कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण से जवाब मांगा है कि क्या ध्वस्तीकरण किया गया है यदि हां तो किस प्लाट का.
पीडीए अधिवक्ता विनीत पांडेय ने एक हफ्ते का समय मांगा है. विपक्षी गण 5 व 6 ने कहा कि प्लाट 28 का बैनामा लिया है वह उसके स्वामी है. यह प्लाट प्राइवेट पार्टी के नाम दर्ज है. एसडीएम का आदेश इस प्लाट के बारे में नहीं है. याची ने प्लाट 28 पर भी अपने मकान का दावा किया जिसका विपक्षी ने कड़ा विरोध किया.
प्लाटों का Demarcation किया जाय
इस पर कोर्ट ने कहा यह जरूरी है कि दोनों प्लाटों की चौहद्दी तय (Demarcation) की जाय. इसलिए दोनों प्लाटों का Demarcation होना जरूरी है. यह जमीन मौजा करनपुर में स्थित है. कोर्ट ने कहा दोनों पक्षों की मौजूदगी में प्लाटों का Demarcation किया जाय.और सील कवर रिपोर्ट पेश की जाय. याचिका की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी. याची ने बैनामे की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं.






