आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के भरौली गांव निवासी सदानंद यादव ने समाज में एक सकारात्मक पहल करते हुए अपनी माता स्वर्गीय मुन्नी देवी की मृत्यु के बाद परंपरागत मृत्यु भोज का बहिष्कार कर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है। मुन्नी देवी का निधन 4 मई को हुआ था, जिसके उपरांत 13वीं के अवसर पर 16 मई को दिन में 12 बजे से 5 बजे शाम तक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई है।
सदानंद यादव ने बताया कि यह पहल समाज को जागरूक करने और अनावश्यक आडंबरों से दूर रहने का संदेश देने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार में मृत्यु होने के बाद परिवार पहले ही गहरे सदमे में होता है, ऐसे समय में मृत्यु भोज जैसी परंपराएं परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती हैं। ऐसे आयोजनों के बजाय श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देना अधिक उचित और सार्थक है।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी परंपराओं को बढ़ावा मिलना चाहिए, जिससे दुख की घड़ी में परिवार को मानसिक सहारा और सामाजिक सहयोग मिल सके, न कि आर्थिक दबाव।
वहीं शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे भारत परिषद के प्रदेश महासचिव बेचू यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज को नई दिशा देने के लिए इस प्रकार के निर्णय बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज के नाम पर परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि समाज को ऐसी परंपराएं अपनानी चाहिए जो दुख की घड़ी में परिवार को हिम्मत और संबल प्रदान करें। उन्होंने कहा कि भारत परिषद के कार्यकर्ता इस तरह के सामाजिक और सकारात्मक प्रयासों का समर्थन करते हैं तथा समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य आगे भी जारी रहेगा।






