*TV 20 NEWS ||AZAMGARH : लैंगिक समानता, महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का किया गया आयोजन*

*लैंगिक समानता, महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का किया गया आयोजन*

आजमगढ़ 21 मई 2026/

मा० उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं मा० जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला महिला चिकित्सालय, आजमगढ़ में लैंगिक समानता, महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

इस दौरान महिला चिकित्सालय में प्रसूता माताओं को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नितिका राजन द्वारा अपने हाथ से भोजन की थाली भी वितरित की गयी तथा नवजात शिशु व प्रसूता माताओं के बेहतर भविष्य की शुभकामानायें भी दी गयी।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करना तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के प्रति जागरूक करना कानूना था। शिविर में सचिव द्वारा उपस्थित लोगों को विभिन्न कानूनों, जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला हेल्पलाइन सेवाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी प्रदान की गयी। उपस्थित महिलाओं को पॉश एक्ट 2013 के अंतर्गत महिलाओं के अधिकार, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका एवं गोपनीयता संबंधी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गयी।

सचिव द्वारा बताया गया कि समान कार्य के लिए महिलाओं को पुरूषों के बराबर वेतन पाने का कानूनी अधिकार है। इसी क्रम में हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत बेटियों को पिता के सम्पत्ति में बेटों के बराबर अधिकार प्राप्त है। महिलाओं को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नालसा से संचालित योजनाओं जैसे निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, स्थाई लोक अदालत, मध्यस्थता द्वारा वादों को आपसी सहमति से निपटाने आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध कराई गई और महिलाओं को पी०सी०पी०एन०डी०टी० एक्ट के बारे में जागरूक किया गया। इस एक्ट का उद्देश्य भ्रूण लिंग जॉच पर रोक लगाने, कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करने तथा समाज में घटते लिंगानुपात के प्रति आमजन मानस को जागरूक करना है। उपस्थित महिलाओं को यह भी बताया गया कि वे कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध आवाज उठायें।

शिविर को सम्बोधित करते हुए सचिव द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा डान स्कीम, 2025 (ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन) पूरे भारत वर्ष में चलायी जा रही है, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरूपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और पीड़ितों को नशा मुक्ति व कानूनी सहायता प्रदान करना हैं। इसके तहत नशा पीड़ितों का पुनर्वास करना, उन्हें कानूनी मदद देना और नशीली दवाओं के खतरे के बारे में जागरूक करना है।

इस मौके पर महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सदस्यगण, स्टॉफ नर्स, पराविधिक स्वयं सेवक इत्यादि उपस्थित रहे।