*TV 20 NEWS || LUCKNOW: लगातार विकास की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश: सभी असंबद्ध गाँवों और बस्तियों को हर मौसम के अनुकूल पक्की सड़कों से जोड़ेगी सरकार*

प्रेस विज्ञप्ति

• *लगातार विकास की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश: सभी असंबद्ध गाँवों और बस्तियों को हर मौसम के अनुकूल पक्की सड़कों से जोड़ेगी सरकार*
• *ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने में जुटा विभाग।*
• *500 या उससे अधिक आबादी वाली सभी वंचित बस्तियाँ पक्की सड़कों से होंगी कवर।*
• *पीएमजीएसवाई-3 के तहत स्कूलों, अस्पतालों और कृषि बाजारों को जोड़ने वाले मार्गों का हो रहा सुदृढ़ीकरण।*
• *’मेरी सड़क’ ऐप और ‘मेरा गाँव मेरी सड़क’ पोर्टल से जनता स्वयं कर सकेगी कार्यों की निगरानी और शिकायत।*

लखनऊ: 21 मई, 2026, मा० मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यरनाथ जी के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के कुशल मार्गनिर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क अभिकरण (UPRRDA) ने प्रदेश के सभी असंबद्ध गाँवों और बस्तियों को बारहमासी (हर मौसम के अनुकूल) पक्की सड़कों से जोड़ने का महाअभियान शुरू कर चुका है।

श्री शिव सहाय अवस्थी , मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क अभिकरण ने जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में सुगम यातायात और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए अभिकरण पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है एवं अभिकरण का मुख्य लक्ष्य उन सभी ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की राह आसान करना है, जो अभी तक मुख्य संपर्क मार्गों से वंचित थे।

*500 से अधिक आबादी वाली बस्तियाँ होंगी संतृप्त*
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी क्षेत्रों में जिन ग्रामीण बस्तियों या मजरो की आबादी 500 या उससे अधिक है, वे सभी इस योजना के तहत कवर किए जाने के पात्र हैं। इन सभी लक्षित क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से पक्की सड़कों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जाएगी।

*पीएमजीएसवाई चरण-3: बुनियादी ढांचे का कायाकल्प*
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तीसरे चरण के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके तहत:
• महत्वपूर्ण मार्गों का उन्नयन: ग्रामीण क्षेत्रों के मौजूदा पुराने मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
• प्रमुख केंद्रों से जुड़ाव: विशेष रूप से उन सड़कों को प्राथमिकता दी जा रही है जो ग्रामीण कृषि बाजारों (मंडियों), उच्च शिक्षण संस्थानों/स्कूलों और प्रमुख अस्पतालों को आपस में जोड़ती हैं, ताकि
ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए भटकना न पड़े।

*पारदर्शिता और जन-भागीदारी: जनता खुद बनेगी निगरानीकर्ता*
अभिकरण ने सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल तकनीकों का समावेश किया है, जिसके तहत आम नागरिक को सीधे जोड़ा गया है:
1. ‘मेरी सड़क’ मोबाइल ऐप (शिकायत व फीडबैक):
पीएमजीएसवाई सड़कों के निर्माण, गुणवत्ता या रखरखाव से संबंधित यदि किसी भी नागरिक को कोई शिकायत दर्ज करानी है या अपना फीडबैक देना है, तो वे केंद्र सरकार के आधिकारिक ‘मेरी सड़क’ (Meri Sadak) मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते` हैं। इस पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
2. ‘मेरा गाँव मेरी सड़क’ पोर्टल (ऑनलाइन ट्रैकिंग):
प्रदेश का कोई भी नागरिक अब ‘मेरा गाँव मेरी सड़क’ ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए अपने जिले या गाँव में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति (Live Status) को खुद ट्रैक कर सकता है। इससे कार्यों में लेटलतीफी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।