TV 20 NEWS || LUCKNOW :मनरेगा के अमृत सरोवरों को जल संरक्षण का सशक्त माध्यम बनाएं, भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों और जनमानस के लिए उपयोगी सिद्ध हों: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
प्रेस विज्ञप्ति
मनरेगा के अमृत सरोवरों को जल संरक्षण का सशक्त माध्यम बनाएं, भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों और जनमानस के लिए उपयोगी सिद्ध हों: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
* प्राकृतिक संरक्षण के साथ-साथ भीषण गर्मी से राहत दिलाने का माध्यम बनेंगे अमृत सरोवर।
* अमृत सरोवरों के प्रबंधन और रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कठोर दंडात्मक कार्रवाई।
* उच्च अधिकारियों को पूरे प्रदेश में अमृत सरोवरों की सघन निगरानी और औचक निरीक्षण के कड़े निर्देश।
लखनऊ: 22 मई, 2026 उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्देश जारी किया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश भर में निर्मित किए गए ‘अमृत सरोवरों’ को जल संरक्षण का एक जीवंत और सशक्त माध्यम बनाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए ये सरोवर केवल जल संरचनाएं बनकर न रहें, बल्कि स्थानीय जनमानस, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मूक पशु-पक्षियों के लिए जीवनदायिनी साबित हों।
श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों दिशा-निर्देश दिए।
अमृत सरोवर केवल निर्माण नहीं, प्राकृतिक संतुलन का आधार
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमृत सरोवरों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्राकृतिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा:
> “ये सरोवर जल स्तर (ग्राउंड वाटर) को सुधारने के साथ-साथ हमारे पर्यावरण को संतुलित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब जलस्रोत सूख रहे हैं, तब इन सरोवरों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि गांवों में पानी का संकट न गहराए और आस-पास का तापमान भी नियंत्रित रहे।”
पशु-पक्षियों और जनमानस के लिए विशेष व्यवस्था के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
* पेयजल और छांव की व्यवस्था: अमृत सरोवरों के तटबंधों पर व्यापक वृक्षारोपण कराया जाए ताकि वहां आने वाले राहगीरों और पशु-पक्षियों को छांव मिल सके।
* पशुओं के लिए ‘चरही’ (नाद) का निर्माण: सरोवरों के समीप या उनके किनारों पर मवेशियों और लावारिस पशुओं के पानी पीने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
* पक्षियों के लिए दाना-पानी: सरोवरों के आस-पास के वृक्षों पर सकोरे टांगे जाएं और पक्षियों के अनुकूल माहौल तैयार किया जाए ताकि भीषण गर्मी से किसी भी जीव की जान न जाए।
लापरवाही पर मिलेगी सख्त सजा, अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
कार्य में शिथिलता बरतने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत सरोवरों के सुदृढ़ीकरण, सफाई और उनमें पानी भरने के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी जिले या विकास खंड में अमृत सरोवर सूखे पाए गए या वहां कुप्रबंधन देखने को मिला, तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश स्तर पर होगी सघन निगरानी
श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम विकास विभाग के मुख्यालय स्तर के उच्च अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर न रहकर पूरे प्रदेश में अमृत सरोवरों की जमीनी हकीकत की निगरानी (मॉनिटरिंग) करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
1. सभी सरोवरों की जियो-टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग को दुरुस्त रखा जाए।
2. मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जिलों का दौरा कर अमृत सरोवरों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) करें।
3. सरोवरों के पानी को स्वच्छ रखने के लिए स्थानीय ग्राम पंचायतों और तकनीकी टीम का सहयोग लिया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुरूप जल संचयन के इस महाअभियान को उत्तर प्रदेश में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे गर्मी के इस प्रकोप में हर नागरिक और जीव-जंतु को राहत मिल सके।






