आजमगढ़ 29 मई 2026/
अपर कृषि निदेशक (कृ0र0), महोदय उत्तर प्रदेश द्वारा दिये गये निर्देश के अनुपालन क्रम में IPMS पोर्टल पर पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा हेतु आहूत बैंठकों, वाट्एप ग्रुप पर प्रेषित निर्देशों एवं क्षेत्रीय कार्मिकों के माध्यम से व्यक्तिगत सम्र्पक के माध्यम से जनपद के समस्त कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया था कि कृषकांे को गुणवत्तायुक्त कीटनाशी रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित करानें एवं नकली, अपंजीकृत, बिना लाइसेन्स के कीटनाशी उत्पादन बिक्री को हतोत्साहित करने के उद्वेश्य हेतु कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर विकसित किये गये पोर्टल एकीकृत कीटनाशी प्रबंधन प्रणाली पर पंजीकरण कराने की कार्यवाही तत्काल पूर्ण कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें, किन्तु पोर्टल पर कीटनाशी विक्रेताओं द्वारा पंजीकरण कराये जाने की स्थिति की समीक्षा करने पर पाया गया कि दिनांक-29 मई 2026 तक पोर्टल पर कुल पंजीकृत 838 कीटनाशी विक्रेताओं के सापेक्ष मात्र 621 लोगों द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही पूर्ण की गयी है, जबकि अभी 217 कीटनाशी विक्रेता पंजीकरण की कार्यवाही हेतु अवशेष है। इसी क्रम में कार्यालय के विभिन्न पत्रों के माध्यम से पंजीकरण की कार्यवाही पूर्ण न करने वाले कीटनाशी विक्रेताओं के कीटनाशी लाइसेन्स निलम्बित करते हुये निर्देशित किया गया था कि तत्काल पंजीकरण की कार्यवाही पूर्ण करें, अन्यथा कि स्थिति पंजीकरण हेतु अवशेष कीटनाशी विक्रेताओं के लाइसेन्स अपर कृषि निदेशक (कृ0र0), महोदय उत्तर प्रदेश कृषि भवन लखनऊ के निर्देशानुसार निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। जिसके लिये सम्बन्धित विक्रेता स्वयं जिम्मेदार होगें।
उपरोक्त के क्रम में पंजीकरण हेतु अवशेष जनपद के समस्त थोक/फुटकर कीटनाशी विक्रेताओं को पुनः कड़ी चेतावनी के साथ निर्देशित किया जाता है कि अपने कीटनाशी प्रतिष्ठान का पंजीकरण एकीकृत कीटनाशी प्रबंधन प्रणाली ;प्च्डैद्ध पोर्टल पर 03 दिवस के अन्दर शीर्षप्राथमिकता के आधार पर करना सुनिश्चित करें। अन्यथा कि स्थिति में बिना पंजीकरण करायें ही कृषि रक्षा रसायनों का विक्रय करने वाले सम्बन्धित कीटनाशी विक्रेताओं को चिन्हिृत करके उनके कीटनाशी लाइसेन्स को निरस्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित किया जायेगा तथा कीटनाशी अधिनियम-1968 एवं कीटनाशी नियम-1971 के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत नियमानुसार उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। जिसके सम्बन्धित विक्रेता स्वंय जिम्मेदार होगा।






