*TV 20 NEWS || AZAMGARH : समाजवादी पार्टी कार्यालय, जनपद- आजमगढ़ पर “आरक्षण दिवस” व “संविधान मान स्तंभ दिवस” जिला अध्यक्ष हवलदार यादव की अध्यक्षता में मनाया गया*
प्रकाशनार्थ,
समाजवादी पार्टी कार्यालय, जनपद- आजमगढ़ पर “आरक्षण दिवस” व “संविधान मान स्तंभ दिवस” जिला अध्यक्ष हवलदार यादव की अध्यक्षता में मनाया गया।
आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1902 में सबसे पहले आरक्षण लागू करने का काम महाराज छत्रपति शाहूजी महाराज जी ने किया था दलितों, पिछड़ों, शोषितो को आरक्षण देकर उनके विकास व उत्थान के लिए व्यवस्था किया था।
साहू जी महाराज महात्मा ज्योतिबा राव फुले के विचारों से प्रभावित होकर महिलाओं को भी सम्मान देने का काम किया।
उस निर्णय को आगे बढ़ाते हुए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान बनाते समय पिछड़ों,दलितों व महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण का प्रावधान बनाकर सामाजिक न्याय के मार्ग को प्रशस्त किया।
डॉ संग्राम यादव विधायक ने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान के आधार पर दलितों, पिछड़ों को आगे बढ़ने का अधिकार मिला जब से भा.ज.पा. की सरकार आई है वह संवैधानिक अधिकारों व लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म कर सदियों की पुरानी व्यवस्था को लाना चाहती है।
अंत में जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि आज के दिन हम सब लोग भारत के संविधान और उसके मूल्यों को नमन करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के द्वारा चलाए गए सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे।
संविधान न केवल एक किताब है बल्कि देश के करोड़ों गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं,नौजवानों, शोषित व वंचित समाज के सम्मान व अधिकार की गारंटी देता है।
भारतीय जनता पार्टी उन अधिकारों को समाप्त कर मनुवादी व्यवस्था को थोपना चाहती है। जिसको आज का युवा वर्ग बर्दाश्त नहीं करेगा।
आज संविधान के मूल भावना को बचाने का संकल्प लें और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करें।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव, करुणाकांत मौर्य, अजीत कुमार राव, सुशील आनंद, पप्पू कुमार यादव, संतोष कुमार गौतम, अनुराग यादव, डॉ. धनराज यादव, आशीर्वाद यादव,रोशन यादव, इं.अभिषेक यादव, शिव गोविंद यादव, विवेक सिंह, सुरेंद्र यादव आदि समाजवादी पार्टी के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।






