*TV 20 NEWS || AZAMGARH : पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पर्यटन महानिदेशक उ0प्र0 ने मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी की उपस्थिति में आनलाइन जुड़े मा0 जन प्रतिनिधियों के साथ की बैठक*
पर्यटन विकास के नये क्षितिज पर आजमगढ़ मण्डल- डॉ0 वेदपति मिश्र
पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पर्यटन महानिदेशक उ0प्र0 ने मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी की उपस्थिति में आनलाइन जुड़े मा0 जन प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
पर्यटन अवस्थापना सुविधाआंे के सृजन हेतु प्रस्तावित कार्याें एवं क्रियान्वित परियोजनाओं की महानिदेशक पर्यटन ने की गहन समीक्षा
मा0 मुख्यमंत्री के मंशानुरूप पर्यटन विकास की सभी परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा में पूर्ण कराना सर्वोच्च प्राथमिकता- महानिदेशक पर्यटन
प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं हेतु राजस्व अभिलेखों सहित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने तथा निर्माण कार्य डीपीआर के अनुरूप पूर्ण कराने के निर्देश
आजमगढ़, 07 अगस्त 2026।
उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता वाली पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पर्यटन महानिदेशक उत्तर प्रदेश डॉ. वेदपति मिश्र ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त विवेक एवं जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की उपस्थिति में आजमगढ़ मंडल के तीनों जनपदों आजमगढ़, मऊ एवं बलिया में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के सृजन हेतु प्रस्तावित एवं क्रियान्वित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सदस्य ऋषिकान्त राय, उपसभापति उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल के प्रतिनिधि, विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक के प्रतिनिधि जयराम उपाध्याय तथा विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर के प्रतिनिधि सौरभ उपाध्याय भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि जनपद मऊ एवं बलिया के जनप्रतिनिधिगण ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। महानिदेशक पर्यटन ने निर्देशित किया कि सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के संबंध में शासकीय (ऊसर, परती, आबादी) अथवा मंदिर/ट्रस्ट की उपलब्ध भूमि से संबंधित राजस्व अभिलेखों सहित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण की जा सके।
प्रस्तावित परियोजनाओं में जनपद आजमगढ़ के अंतर्गत तहसील सगड़ी स्थित ब्रम्हस्थान, विधानसभा दीदारगंज के लसड़ा खूर्द स्थित आसाराम कुटी, विकास खंड तरवां के रासेपुर बाजा स्थित शिव मंदिर, विकास खंड ठेकमा के भगवान परशुराम शिवजी आश्रम ट्रस्ट ताजपुर गड़हा तथा तहसील सगड़ी के विकास खंड महराजगंज स्थित हनुमान मंदिर सहित अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया। इसी प्रकार जनपद मऊ में श्रीराम जानकी मंदिर (श्री खाकी बाबा की कुटी) तथा तिघरा धाम स्थित मां भगवती शक्तिपीठ एवं जनपद बलिया में माता परमेश्वरी देवी मंदिर, नेकू बाबा एवं हुलासो सती मां मंदिर, योगी बाबा मंदिर तथा जटहवा बाबा मंदिर सहित कुल 12 पर्यटन विकास परियोजनाओं पर विचार किया गया।
महानिदेशक पर्यटन ने मंडल के सभी जिला पर्यटन सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया कि माननीय मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत अक्टूबर-नवंबर माह तक संबंधित जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्त एवं संबंधित जिलाधिकारियों की उपस्थिति में परियोजनाओं का शिलान्यास सुनिश्चित कराया जाए, जिससे जनमानस को विकास कार्य धरातल पर दिखाई दें।
बैठक के दूसरे सत्र में राज्य योजना के अंतर्गत वर्ष 2016 से 2025 तक पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एवं पूर्ण कराई गई परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति एवं गुणवत्ता की समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निर्देश दिया कि वर्ष 2016 से 2025 तक के सभी पर्यटन विकास कार्यों की अभियान चलाकर गुणवत्ता, पूर्णता की स्थिति एवं उपयोगिता की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1609.07 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 21 पर्यटन परियोजनाओं में 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा 17 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। जनपद आजमगढ़ में महराजगंज स्थित भैरो बाबा मंदिर, श्री प्रथम देव स्थान बहरा देव बाबा (गौरा भदानपुर) तथा मिश्रपुर स्थित राम-जानकी मंदिर में लगभग 90 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है। इसी प्रकार दुर्वासा ऋषि आश्रम, फूलपुर-पवई में लगभग 80 प्रतिशत, ब्रह्मलीन संत परमहंस बाबा धन्नीपुर, सिंधपुर बांसगांव में लगभग 70 प्रतिशत तथा जहॉगीरगंज स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अन्य परियोजनाओं पर भी कार्य तेजी से संचालित है।
महानिदेशक पर्यटन ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं पर्यटन अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर डीपीआर के अनुरूप पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में निर्धारित लंबाई, चौड़ाई, सरिया, सीमेंट सहित सभी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए तथा स्वीकृत धनराशि के अनुरूप ही कार्य कराया जाए। उन्होंने पर्यटन निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच आईआईटी-बीएचयू एवं एमएनएनआईटी जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं से कराए जाने के निर्देश भी दिए। साथ ही संयुक्त निदेशक पर्यटन को निर्देशित किया कि सभी कार्यदायी ठेकेदारों की सूची तैयार कर ऑनलाइन माध्यम से उनकी समस्याओं की नियमित सुनवाई की जाए तथा उनका यथासंभव समाधान सुनिश्चित कराया जाए। यदि किसी स्तर पर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल संबंधित जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जाए।
बैठक के दौरान जिन निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय किश्तों की उपलब्धता में विलंब की समस्या सामने आई, उस पर महानिदेशक ने लखनऊ स्थित संबंधित अधिकारियों से बैठक के दौरान ही संवाद स्थापित कर निर्देशित किया कि उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) एवं थर्ड पार्टी निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होते ही अविलंब धनराशि जारी की जाए, जिससे परियोजनाओं के कार्य प्रभावित न हों।
मंडलायुक्त विवेक एवं जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने महानिदेशक पर्यटन को आश्वस्त किया कि मंडल एवं जनपद की सभी पर्यटन विकास परियोजनाओं को शासन की मंशा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाएगा तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
बैठक में अपर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय, संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश, जिला पर्यटन सूचना अधिकारी नवीन सिंह, रूपेश गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, सीएम फैलो आनंद तिवारी,कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि ए.पी. सिंह, राधेमोहन श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






