*TV 20 NEWS || AZAMGARH :जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित*
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित
फैमिली आईडी निर्माण में तेजी लाकर रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार लाएं- जिलाधिकारी
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें- डीएम
निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाएं, गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं- जिलाधिकारी
मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का डीएम ने दिया निर्देश
आजमगढ़, 20 अगस्त 2026//
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर माह जुलाई-2026 के राजस्व एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्वांचल विकास निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना तथा 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं परियोजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए।
समीक्षा के दौरान खण्ड विकास अधिकारी पवई, मुहम्मदपुर, ठेकमा तथा अधिशासी अधिकारी बूढ़नपुर एवं मार्टीनगंज की फैमिली आईडी निर्माण में प्रगति खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि फैमिली आईडी निर्माण में तत्काल तेजी लाते हुए रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में शत-प्रतिशत पात्र परिवारों का फैमिली आईडी पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए। विद्युत संयोजन की समीक्षा में उन्होंने पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर शीघ्र विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। वृद्धावस्था पेंशन योजना में प्राप्त पात्र आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को पेंशन का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग को लक्ष्य के अनुरूप अधिकाधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराने तथा पात्र श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू श्रम कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पेयजल परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं स्थलीय समीक्षा की जाए तथा जो कार्य निर्धारित समयसीमा से पीछे चल रहे हैं, उनमें बाधाओं को चिन्हित कर तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है, इसलिए परियोजनाओं के निर्माण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि सामूहिक विवाह के लिए आवेदन करने वाले पात्र आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर आवश्यक तैयारियां पूर्ण कराई जाएं तथा सितम्बर माह में शुभ मुहूर्त में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
पूर्वांचल विकास निधि एवं त्वरित आर्थिक विकास योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत की लंबित पांच परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर तत्काल दूर किया जाए और प्रत्येक परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो सकें। 50 करोड़ रुपये एवं उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही कराए जाएं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की नियमित गुणवत्ता जांच एवं स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण पूर्ण होने के बाद परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, बल्कि संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर आमजन के उपयोग में लाया जाए। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से आच्छादित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसी सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को इन परियोजनाओं का लाभ समय से मिल सके।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए जिन योजनाओं में जिले की रैंकिंग एवं ग्रेडिंग अपेक्षित स्तर से कम है, उनमें विशेष प्रयास कर सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें, कम प्रगति वाले कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप जनपद की विकास योजनाओं को गति प्रदान करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






