*TV 20 NEWS || AZAMGARH : पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय सिकरौरा में जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर जानी शिक्षा एवं व्यवस्थाओं की हकीकत*
पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय सिकरौरा में जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर जानी शिक्षा एवं व्यवस्थाओं की हकीकत
डीएम ने शिक्षक की भूमिका में स्मार्ट क्लास में बच्चों को कम्प्यूटर की बारीकियां समझाईं, डिजिटल शिक्षा के महत्व से कराया अवगत
निष्प्रयोज्य भवन के ध्वस्तीकरण एवं नए शिक्षा भवन के निर्माण हेतु डीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
आजमगढ़, 22 अगस्त 2026/
जनपद में संचालित विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद कर सीधे उनकी पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन, डिजिटल शिक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय सिकरौरा, शिक्षा क्षेत्र पल्हनी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय में छात्र-छात्राएं मध्यान्ह भोजन कर रहे थे। जिलाधिकारी ने बच्चों के बीच जाकर उनसे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि यदि वे दोबारा भोजन मांगते हैं तो उन्हें भोजन मिलता है या नहीं तथा भोजन कैसा बनता है। बच्चों ने बताया कि उन्हें अच्छा भोजन मिलता है और दोबारा मांगने पर भी भोजन दिया जाता है।
जिलाधिकारी ने इसके बाद विद्यालय के रसोईघर का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर में रखे चावल एवं दाल को हाथ में लेकर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया तथा रसोईघर एवं परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
स्मार्ट क्लास में बच्चों से संवाद, कम्प्यूटर की बारीकियां समझाईं
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास में पहुंचकर कम्प्यूटर सीख रहे कक्षा 8 के छात्र-छात्राओं हुस्नऐती, मानवी, सुन्दरम, राज गुप्ता आदि से संवाद किया। जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर बच्चों ने बताया कि वे कम्प्यूटर के माध्यम से एक्सेल, एमएस वर्ड, भूगोल, गणित आदि विषयों को पढ़ते एवं सीखते हैं। जिलाधिकारी ने कम्प्यूटर शिक्षक की भूमिका में विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की विभिन्न बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बताया कि वर्तमान समय में कम्प्यूटर एवं डिजिटल तकनीक का ज्ञान शिक्षा के साथ-साथ भविष्य के रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का सकारात्मक एवं ज्ञानवर्धक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी के कहने पर छात्रा मानवी ने स्मार्ट टीवी को टच के माध्यम से संचालित करते हुए उसके विभिन्न फंक्शन समझाए। इसके बाद उसने स्मार्ट टीवी को वाई-फाई से कनेक्ट कर यू-ट्यूब पर ‘मीना की कहानी’ सहित अन्य शैक्षिक सामग्री खोलकर दिखाई। छात्रा द्वारा स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल उपकरणों के संचालन में दक्षता का प्रदर्शन करने पर जिलाधिकारी ने कम्प्यूटर सीख रहे सभी बच्चों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर नई तकनीक सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यालय भवन की समस्या पर डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुरानी भवन के पास मध्यान्ह भोजन कर रही कक्षा 6, 7 एवं 8 की छात्राओं से भी आत्मीय संवाद किया तथा उनकी पढ़ाई एवं विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान शिक्षिकाओं ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कक्षा 6 में 63 विद्यार्थियों का नामांकन है। पुरानी बिल्डिंग निष्प्रयोज्य हो जाने के कारण वैकल्पिक कक्ष में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में असुविधा हो रही है। जिलाधिकारी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर उपस्थित बीएसए राजीव पाठक को निर्देशित किया कि विद्यालय में नए शिक्षा भवन के निर्माण के संबंध में उनकी ओर से शासन को पत्र प्रेषित किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि निष्प्रयोज्य भवन का नियमानुसार 15 दिनों के अंदर ध्वस्तीकरण सुनिश्चित कराया जाए, जिससे विद्यालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग हो सके और विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। जिलाधिकारी द्वारा समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने पर विद्यालय के शिक्षकों ने आभार व्यक्त किया।
334 बच्चों का विद्यालय में नामांकन
जिलाधिकारी ने विद्यालय की उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया। पंजिका के अनुसार विद्यालय में कुल 18 सहायक अध्यापक एवं 07 नॉन-टीचिंग स्टाफ कार्यरत हैं, जिनमें से कुल 07 लोग अवकाश पर पाए गए। प्रधानाध्यापक द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि वर्तमान में विद्यालय में कुल 334 छात्र-छात्राओं का नामांकन है।
जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का विद्यार्थियों के हित में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी रुचि, प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर एवं अन्य डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों की शिक्षा को आधुनिक एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए बच्चों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए।






