*TV 20 NEWS || AZAMGARH : तथागत ट्रस्ट द्वारा आयोजित वनवासी समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर जिलाधिकारी ने किया प्रोत्साहित*

तथागत ट्रस्ट द्वारा आयोजित वनवासी समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर जिलाधिकारी ने किया प्रोत्साहित

शासन की नीतियों के साथ सामाजिक सरोकारों का समन्वय समाज को सही दिशा और प्रगतिपथ पर आगे बढ़ाने में सहायक : जिलाधिकारी

वनवासी समाज के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : एनपी सिंह

आजमगढ़, 23 अगस्त 2026
शासन की नीतियों के साथ जब सामाजिक सरोकारों का समन्वय हो जाता है, तो समाज को सही दिशा देने और उसे प्रगतिपथ पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। कहने के बजाय करने में विश्वास रखने वाली सोच ही समाज को आगे ले जाने का कार्य करती है। उक्त उद्गार जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने आज हरिऔध कला केंद्र सभागार में तथागत फाउंडेशन ट्रस्ट एवं जेब्रा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वनवासी मेधा सम्मान पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उपस्थित वनवासी समाज के लोगों से अपील की कि जिन पात्र व्यक्तियों का अभी तक वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, अंत्योदय कार्ड अथवा अन्य पात्रता आधारित शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वे जनता दर्शन में आकर अपना आवेदन प्रस्तुत करें। पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित शासकीय योजनाओं से आच्छादित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतिभा दब नहीं सकती है। प्रत्येक प्रतिभाशाली बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने सम्मानित छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी द्वारा अंत्योदय वर्ग एवं वनवासी समाज को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से हरिऔध कला केंद्र ऑडिटोरियम को इस कार्यक्रम के लिए निशुल्क उपलब्ध कराया गया, ताकि प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करने के साथ समाज के प्रति सकारात्मक संदेश दिया जा सके।

समारोह में पूर्व जिलाधिकारी एवं भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि हर कालखंड और हर संस्कृति में शिक्षा ही वह प्रकाश रही है, जो अंधकार को दूर करने का कार्य करती है। शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने अधिकारों, कर्तव्यों और संभावनाओं को समझते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकता है। उन्होंने तथागत फाउंडेशन ट्रस्ट की संरचना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में शोषित एवं वंचित समाज से जुड़े वनवासी बच्चों को शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे ‘गिलहरी प्रयास’ का विस्तार से उल्लेख करते हुए समाज के प्रत्येक सजग एवं सक्षम नागरिक से अपने से निचली पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान आजमगढ़, मऊ एवं बलिया जनपदों में भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबंधित कार्यों को देखने के लिए कमलेश वनवासी को तत्काल प्रभाव से अधिकृत किया गया।

समारोह में वनवासी समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को समाज के महापुरुषों के नाम पर स्थापित छात्रवृत्ति एवं मेधा सम्मान पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनके शैक्षिक प्रयासों एवं उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत सपना द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। समारोह में जर्नलिस्ट क्लब के संयोजक डॉ. अरविंद सिंह, संगिनी की सचिव डॉ. माधुरी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुभाष सिंह, सर्वोदय विद्यालय के प्रबंधक राजेंद्र यादव, चिल्ड्रन एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्णामोहन त्रिपाठी, चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहम्मद नोमान, सुदीक्षा फाउंडेशन की शिखा पांडेय, साज फाउंडेशन की संतोष सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन आशुतोष द्विवेदी ने किया। समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों ने वनवासी समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने की पहल की सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।