*TV 20 NEWS || AZAMGARH :समाजवादी पार्टी कार्यालय, जनपद-आजमगढ़ पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले, मंडल आयोग के अध्यक्ष बीपी मंडल जी की 108 वीं जयंती उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा पूर्वक मनाई गई*
दिनांक-25.8.2026 को
समाजवादी पार्टी कार्यालय, जनपद-आजमगढ़ पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले, मंडल आयोग के अध्यक्ष बीपी मंडल जी की 108 वीं जयंती उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा पूर्वक मनाई गई।
आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव व संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया।
आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि 1 जनवरी 1979 को जनता पार्टी की सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया और बीपी मंडल को आयोग का अध्यक्ष बनाया ।
बीपी मंडल ने पूरे देश में घूम कर सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ओबीसी) की पहचान की और उनकी बेहतरी के लिए 40 सिफारिशों का दस्तावेज तैयार कर 1980 में तत्कालीन कांग्रेस की सरकार को सौंप दिया।
लेकिन तत्कालीन सरकार उन पर कोई कार्यवाही नहीं किया। सन् 1989 में जनता दल की सरकार बनने के बाद मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू हुई। तमाम बाधाओं के बाद माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के आधार उनकी संस्तुतियां लागू की हुई।
समाजवादी चिंतक जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान के अनुच्छेद 340 में आयोग बनाकर एससी/एसटी की तरह पिछड़े वर्ग के लोगों को भी आरक्षण का लाभ देने का प्राविधान किया था। लेकिन तत्कालीन सरकारों ने उसे लागू नहीं किया। बाबा साहब ने महिलाओं को भी अधिकार देने का प्राविधान किया था।
पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव ने कहा कि सदियों से वंचित, शोषितों का उनका अधिकार दिलाने के लिए बीपी मंडल ने आयोग में जो सिफारिशें किया था उसको पूर्ण रूप से रूप से अभी नहीं लागू किया गया। भाजपा आरक्षण को समाप्त करने की साज़िश कर रही है।
गोष्ठी में पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद, यादव, जयराम पटेल, सुशील आनंद, प्रदीप सहाय, संतोष कुमार गौतम, बबीता चौहान, भोला यादव कवि, पप्पू कुमार यादव, द्रौपदी पाण्डेय,गुड्डी देवी, प्रेमा यादव, प्रदीप यादव, आनंद यादव, शिव गोविंद यादव, आशुतोष चौधरी, दीपचंद विशारद आदि समाजवादी पार्टी के नेता पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






