*TV 20 NEWS || AZAMGARH :गुरु के सम्मान में सजा वेदांता इंटरनेशनल स्कूल, स्वागत नृत्य से उपहार वितरण तक शिक्षकों पर बरसा स्नेह*

गुरु के सम्मान में सजा वेदांता इंटरनेशनल स्कूल, स्वागत नृत्य से उपहार वितरण तक शिक्षकों पर बरसा स्नेह

आजमगढ़। आइकॉनिक स्कूल ऑफ आजमगढ़ वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान एवं अभिनंदन के लिए भव्य समारोह का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव, उमंग और आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों के भव्य स्वागत के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर शिक्षकों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात शिक्षकों को उनके व्यक्तित्व, कार्यशैली एवं विद्यालय के प्रति योगदान के आधार पर विशेष उपाधियों एवं सम्मान-पट्टिकाओं से सम्मानित किया गया।

खेल समारोह में पीकिंग ऑफ चॉकलेट में फीमेल स्टाफ प्रथम, बैंगल्स एंड कैंडल्स में कुमकुम दुबे चीट चैट में शोमिता श्रीवास्तव म्यूजिकल चेयर में आयशा तैयब,फल खाना प्रतियोगिता में शिक्षक दुर्गेश यादव प्रथम रहे। शिक्षकों ने इन गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए स्वर्णिम विचारों ने शिक्षकों के समर्पण, धैर्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को भावपूर्ण ढंग से रेखांकित किया।
अपने संबोधन में विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि “शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं। शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है। वह विद्यार्थियों को संस्कार और सभ्यता के साथ-साथ जीवन में आने वाले संघर्षों और चुनौतियों का सामना करना भी सिखाता है। किसी भी विद्यालय के शिक्षक उसकी रीढ़ होते हैं।”
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक विद्यार्थी के भीतर केवल विषय का ज्ञान ही नहीं भरता, बल्कि उसके व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का भी निर्माण करता है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसलिए शिक्षक का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना का सम्मान है।
उन्होंने विद्यालय के सभी शिक्षकों के समर्पण, मेहनत और निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों के अथक प्रयासों से ही विद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है।
समारोह का विशेष आकर्षण उपहार वितरण समारोह रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों को उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपहार प्राप्त कर शिक्षकों के चेहरे पर खुशी और आत्मीयता साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच प्रेम, सम्मान और अपनत्व की सुंदर झलक देखने को मिली। समारोह ने यह संदेश दिया कि एक सच्चा शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन का मार्गदर्शक, संस्कारदाता और भविष्य का निर्माता होता है।
अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा शिक्षा, संस्कार और अनुशासन की इस पवित्र यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।