*TV 20 NEWS || AZAMGARH : शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की अमृत वर्षा, मां लक्ष्मी की कृपा और भगवान कृष्ण के महारास की धार्मिक मान्यता, जानें इस पर्व का महत्व*
शरद पूर्णिमा,कोजागरी पूर्णिमा,महारास पूर्णिमा,कुमार पूर्णिमा…
शरद पूर्णिमा…
पूरे वर्ष भर में केवल आज ही चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है मान्यता है कि आज के दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है जिसके आज के दिन रात में खीर बनाकर खुले में चंद्रमा की किरणों में रखा जाता है और सुबह प्रसाद के रूप में उसे ग्रहण किया जाता है
कोजागरी पूर्णिमा…
ऐसी मान्यता है कि आज की रात माता लक्ष्मी ये जानने के लिये अपने घर से निकलती हैं कि आज कौन जाग रहा है आज की रात जो जाग कर पूजा पाठ करता है उसे लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और उसे धन धान्य वैभव मां लक्ष्मी की आशीर्वाद से प्राप्त होता है
रास पूर्णिमा…
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आज ही के दिन भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था,तब से इसे रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है
कुमार पूर्णिमा…
आज ही के दिन शंकर पार्वती के पुत्र कुमार कार्तिकेय का जन्म हुआ था इस लिए इसे कुमार पूर्णिमा भी कहते हैं
आज के दिन कुंवारी लड़कियां अच्छे और उत्तम गुणी जीवन साथी के लिये व्रत रखती हैं
डॉ डी पी तिवारी
प्रान्त मंत्री संस्कार भारती
काशी प्रान्त पूर्वी उत्तर प्रदेश






